Stock Market Crash: शेयर बाजार में मची तबाही! सेसेंक्स 900 अंक फिसला, जानें आखिर क्या है वजह
Stock Market Crash: शेयर बाजार में 12 मई को भारी गिरावट देखने को मिल रही है। बाजार के प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। आज गुरुवार को 2:15 बजे पर सेंसेक्स 950 अंकों की गिरावट के साथ 81,570 के पास ट्रेड कर रहा है। निफ्टी 290 अंक फिसलकर 24,850 के पास कारोबार कर रहा है। स्मॉलकैप और मिडकैप में भी गिरावट देखने को मिल रही है।
निफ्टी मिडकैप100 में 1.40% और निफ्टी स्मॉलकैप100 में 1.57% की गिरावट देखी जा रही है। शेयर मार्केट में गिरावट के पीछे कुछ मुख्य वजहें हैं।

इन वजहों से आई शेयर बाजार में गिरावट
- यूएस और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहराता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि सुरक्षा कारणों से अमेरिका अपने कर्मचारियों को मिडिल ईस्ट से वापस बुला रहा है। यह घटना ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान के साथ न्यूक्लियर डील करने की ट्रंप की कोशिशें ठंडी पड़ती दिख रही हैं। इसके अलावा अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का यह संकेत भी सामने आया है कि इजराइल जल्द ही ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकता है। इससे जियो पॉलिटिकल टेंशन और बढ़ने की आशंका है, जिसका असर शेयर बाजारों पर भी पड़ता हुआ नजर आ रहा है।
- ग्लोबल मार्केट में गिरावट भी एक मुख्य कारण है। डाओ फ्यूचर्स में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। इंडेक्स 250 अंक लुढ़क गया है। S&P इंडेक्स में 40 अंक की गिरावट और NASDAQ में 150 अंक की गिरावट देखी जा रही है। यूरोप, एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखने को मिल रही है। जर्मनी के DAX इंडेक्स में 1.20% की गिरावट, फ्रेंच स्टॉक मार्केट इंडेक्स 0.84% लुढ़क गया है। निक्कई इंडेक्स में 0.65% की गिरावट देखने को मिल रही है। KOSPI इंडेक्स 0.45% फिसल गया है।
- बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपने ट्रेड पार्टनर्स पर लगाए जाने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ की डेडलाइन तेजी से नजदीक आ रही है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि इस डेडलाइन को आगे बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं होगी। ट्रंप ने इस साल तीन महीने की मोहलत दी थी, जो 9 जुलाई को समाप्त हो रही है। बुधवार को उन्होंने कहा कि आने वाले हफ्तों में वे व्यापार समझौतों की शर्तों को लेकर लेटर भेजना शुरू करेंगे। इस सख्त रुख से संकेत मिलता है कि अमेरिका जल्द ही अपने ट्रेड पार्टनर्स पर नए टैरिफ लगा सकता है, जिसका असर ग्लोबल ट्रेड और बाजारों पर पड़ सकता है।
- ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कच्चे तेल बाजार पर भी देखने को मिला है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल के वायदा भाव 4.3% की तेजी के साथ $69.77 प्रति बैरल पर बंद हुए। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमतों में 4.9% की बढ़त दर्ज की गई, जो $68.15 प्रति बैरल पर बंद हुई। जियो-पॉलिटिकल टेंशन के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
इन सेक्टर्स में बिकवाली
शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिल रही है। निफ्टी आईटी में 0.91% गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी मेटल में 1.59% की गिरावट देखने को मिल रही है। इसके अलावा ऑटो, फार्मा और बैंकिंग सेक्टर्स में भी भारी गिरावट देखने को मिल रही है।


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