Stock Market Crash Reason: भारतीय शेयर बाजार में आज 17 दिसंबर को लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की जा रही है. बाजार प्रमुख इंडेक्स जैसे सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों में 1-1% से ज्यादा की गिरावट है. बाजार की इस गिरावट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस और एचडीएफसी बैंक जैसे हैवीवेट्स की अहम भूमिका है. दरअसल, आगे बाजार की नजर कल 18 दिसंबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग पर है, जिससे पहले निवेशक सतर्कता बरत रहे.
सेंसेक्स और निफ्टी फिसले
शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड कर रहे. सेंसेक्स करीब 900 अंकों की गिरावट के साथ 80,850 के लेवल पर फिसल गया है, जोकि इंट्राडे में 80700 तक फिसला. इसी तरह निफ्टी भी 24400 के स्तर पर फिसल गया, जोकि शुरुआती कारोबार में 24350 तक फिसला.
ब्रॉडर मार्केट में मामूली बढ़त
ओवरऑल मार्केट में गिरावट के बावजूद ब्रॉडर मार्केट में मामूली कमजोरी दर्ज की जा रही है. इसमें बीएसई मिडकैप और बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्सेज में मामूली बढ़त देखी जा रही. जोकि मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में चुनिंदा रुचि को दर्शाता है. इस बीच ग्लोबल मार्केट से मिलाजुला रिएक्शन देखने को मिल रही है.

बाजार की गिरावट में फोकस में ये स्टॉक्स
सेंसेक्स के शेयरों में से अदानी पोर्ट्स एकमात्र बढ़त में है. इसके उलट एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज में भारी गिरावट देखने को मिल रही. जबकि निफ्टी इंडेक्स पर अदानी पोर्ट्स और टाटा मोटर्स में बढ़त देखी जा रही. हालांकि, श्रीराम फाइनेंस में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. फाइनेंशियल, ऑयल एंड गैस सेक्टर्स में 1% से अधिक की गिरावट आई, जबकि निफ्टी मीडिया और रियल्टी इंडेक्स में करीब 1% की बढ़त है.
बाजार के ग्लोबल फैक्टर्स
बाजार में इनवेस्टर्स फेड के फैसले के साथ-साथ अन्य ग्लोबल इकोनॉमिक इवेंट्स पर भी बारीकी से नज़र रख रहे हैं. इनमें बैंक ऑफ़ जापान की पॉलिसी मीटिंग और चीन की डेट प्राइम रेट का ऐलान करना शामिल है.
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के वीके विजयकुमार ने भारत के बढ़ते व्यापार घाटे के बारे में चिंता जताई, जो नवंबर में 37.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया. उन्होंने कहा कि अगर इस पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया तो रुपए और चुनिंदा सेक्टर्स पर इसका संभावित प्रभाव पड़ सकता है.
बाजार पर टेक्निकल नजरिया
टेक्निकल एनलिसिस से संकेत मिलता है कि बाजार वर्तमान में पहचाने गए रेजिस्टेंस और सपोर्ट लेवल के साथ कंसोलिटेड हो रहा है. साथ ही आगामी यूएस फेड पॉलिसी ऐलान से मार्केट सेंटीमेंट को दिशा में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है. घरेलू इवेंट्स जैसे कि Q3 FY25 अर्निंग सीजन और केंद्रीय बजट भी अहम ट्रिगर हैं.
मार्केट एनलिस्ट का सुझाव है कि बाजार में यह गिरावट ग्लोबल इकोनॉमिक पॉलिसी के बारे में अनिश्चितता के बीच निवेशकों की सतर्कता को दर्शा रही है. इस अवधि के दौरान आईटी, फार्मा और रियल्टी जैसे सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन की संभावना है.
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