Stock Market Crash: शेयर बाजार में बिकवाली का सिलसिला मंगलवार को भी जारी है. ग्लोबल मार्केट में तेज करेक्शन का असर घरेलू बाजारो पर भी हावी है. यही वजह है कि बाजार के प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे. बाजार में जारी बिकवाली के चलते कई रिकॉर्ड्स भी बन गए हैं. निफ्टी 50 इंडेक्स गिरावट के चलते 5 जून 2024 के बाद पहली बार 22000 के नीचे फिसल गया है. सेंसेक्स भी शुरुआती कारोबार में 400 अंकों तक फिसला. खासकर IT सेक्टर में तेज करेक्शन देखने को मिल रहा.
बाजार में गिरावट का दौर जारी
शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही. निफ्टी 50 आज लगातार 9वें दिन गिराट के साथ कारोबार कर रहा, जोकि करीब 130 अंकों की गिरावट के साथ 21990 के स्तर पर फिसल गया है. सेंसेक्स भी सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर करीब 350 अंकों की गिरावट के साथ 72700 के स्तर पर फिसल गया है. कारोबारी सेशन में बैंक निफ्टी इंडेक्स 48000 के नीचे फिसल गया है. शुरुआती कारोबार में BSE के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं. इस दौरान ब्रॉडर मार्केट में भी बिकवाली है, जिसमें स्मॉल और मिडकैप इंडेक्स लाल निशान में हैं.
इन स्टॉक्स में तेज एक्शन
बाजार में सबसे ज्यादा बिकवाली IT, ऑटो, FMCG , फार्मा समेत मेटल सेक्टर में दर्ज की जा रही है. वहीं, बैंकिंग, फाइनेंशियल और मीडिया सेक्टर में खरीदारी हो रही है. निफ्टी में नेस्ले इंडिया, HCL Tech, बजाज ऑटो और टेक महिंद्रा के शेयरों में 2-2% की गिरावट है, जोकि टॉप लूजर्स हैं. इंफोसिस का शेयर भी 2% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. वहीं, डिफेंस सेक्टर की BEL का शेयर 2% की तेजी के साथ टॉप गेनर है. SBI भी 2 फीसदी उछल गया है. इंडसइंड बैंक, अदानी एंटरप्राइसेज और ICICI बैंक के शेयरों में 1-1% तक की तेजी है.

गिरावट में निवेशकों को नुकसान
शेयर बाजार में आज की गिरावट में तगड़ा घाटा हुआ है. निवेशकों को करीब 1.59 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. क्योंकि BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 382.42 लाख करोड़ रुपए पर आ गया है, जोकि 3 मार्च को बाजार बंद होने के बाद 384.01 लाख करोड़ रुपए था.
क्यों टूट रहा शेयर बाजार?
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मंगलवार से चीन, मैक्सिको और कनाडा पर टैरिफ लागू हो जाएगा. इसके तहत कनाडा पर 25% और चीन पर 10% का एक्स्ट्रा टैरिफ लागू होगा. यानी चीन पर अब टैरिफ बढ़कर 20% हो जाएगा. इस रिएक्शन में चीन और कनाडा ने भी अमेरिका पर टैरिफ लगाने की बात कही है.
अमेरिटी ट्रेड पॉलिसी से ट्रेड वॉर जैसी स्तिति बन गई है. नतीजनत, ग्लोबल मार्केट में डर का माहौल बन गया है. इसी का असर इक्विटी मार्केट पर भी देखने को मिल रहा. इसके अलावा वैल्युएशंस हाई होने से विदेशी निवेशक लगातार पैसा बाहर निकाल रहे हैं. साथ ही कमजोर अर्निंग से भी बाजार पर दबाव बन रहा है.
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिटेल रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, अमेरिका की ओर से कनाडा, मैक्सिको और चीन पर टैरिफ का लागू करना और आगे रूस-यूक्रेन टेंशन के जियो-पॉलिटिकल चिंताओं का असर घरेलू बाजार पर हावी हैं.


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