भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत हरे निशान में होने के बावजूद बिकवाली बढ़ने से बाजार की तेजी जल्द ही गिरावट में बदल गई। सेंसेक्स दिन के ऊपरी स्तर से करीब 1,280 अंक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी फिसलकर 22,450 के नीचे पहुंच गया। इसके साथ ही घरेलू शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोरी बनी रही।

BSE सेंसेक्स ने कारोबार के दौरान 73,766.51 का उच्च स्तर छुआ, लेकिन बाद में गिरकर 72,487.47 के निचले स्तर तक पहुंच गया। इस तरह दिन के हाई से इसमें करीब 1,279 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। एनएसई निफ्टी भी 22,787.25 के उच्च स्तर से फिसलकर 22,407.05 तक आ गया। इससे निवेशकों के बीच बाजार की आगे की दिशा को लेकर चिंता बढ़ गई। इससे पहले गुरुवार को भी बाजार में कमजोरी रही थी। सेंसेक्स 460.30 अंक गिरकर 73,249.39 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 123.70 अंक टूटकर 22,687.65 पर आ गया था। लगातार गिरावट से बाजार पर दबाव साफ नजर आ रहा है।
कच्चे तेल की महंगाई ने बढ़ाई चिंता-
बाजार में गिरावट की सबसे अहम वजहों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 114 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ी है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी आई। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में कच्चा तेल महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ सकता है। इसका असर महंगाई, रुपये और कंपनियों की लागत पर पड़ने की आशंका रहती है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में उछाल से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से दबाव-
बाजार में कमजोरी की दूसरी बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली है। 22 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से 3,458.70 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने 2,891.32 करोड़ रुपये की खरीदारी की। घरेलू निवेशकों की खरीदारी के बावजूद विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव पूरी तरह कम नहीं हो पाया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार में उपलब्ध खरीदारी का सहारा कमजोर पड़ सकता है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं और शेयरों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
India VIX में उछाल, बढ़ी बाजार की घबराहट-
बाजार में अस्थिरता बढ़ने का संकेत इंडिया VIX से भी मिला। यह सूचकांक करीब 8 प्रतिशत चढ़कर 17 के स्तर पर पहुंच गया। इंडिया VIX में तेजी का मतलब है कि निवेशक निकट भविष्य में बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव की आशंका देख रहे हैं। कच्चे तेल की महंगाई, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बढ़ती अस्थिरता ने मिलकर बाजार पर दबाव बढ़ाया है।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


Click it and Unblock the Notifications