Share Market Crash: शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते के पहले दिन जोरदार बिकवाली देखने को मिल रही. बाजार के प्रमुख इंडेक्स गैप-डाउन से खुले. कारोबारी सेशन के साथ गिरावट बढ़ती जा रही. फिलहाल सेंसेक्स और निफ्टी आधे-आधे फीसदी से ज्यादा फिसल गए हैं. बजट के बाद आज 3 फरवरी को पहला कारोबारी दिन है. बाजार के करेक्शन में निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है. इसके तहत करीब 5 लाख करोड़ रुपए का घाटा हुआ है. क्योंकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट घटा है.
शेयर बाजार में बजट के बाद करेक्शन
शेयर बाजार में सोमवार को तेज बिकवाली है. सुबह करीब 11 बजे सेंसेक्स लगभग 500 अंकों की गिरावट के साथ 77000 के लेवल पर आ गया है, जोकि शुरुआती कारोबार में 76756 तक फिसला. निफ्टी भी 180 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जोकि 23300 के लेवल पर फिसल गया है. कारोबारी सेशन के शुरुआत में इंडेक्स 23220 के स्तर तक फिसला. वहीं. मिड और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1-1 फीसदी से ज्यादा फिसल गए हैं.
निवेशकों को तगड़ा नुकसान
शेयर बाजार में तेज करेक्शन के चलते निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है. क्योंकि बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 419.31 लाख करोड़ रुपए पर आ गया है, जबकि शनिवार को बाजार बंद होने के बाद कुल मार्केट कैप 424 लाख करोड़ रुपए था. इस लिहाज से वैल्यूएशन में करीब 5 लाख करोड़ रुपए की गिरावट आई है.

क्यों टूट रहा शेयर बाजार?
शेयर बाजार में तेज करेक्शन की वजह घरेलू नहीं है. इसकी सबसे बड़ी वजह कमजोर ग्लोबल संकेत हैं. इसके अलावा आरबीआई की मीटिंग समेत विदेशी निवेशकों का रुख भी अहम फैक्टर्स हैं...
- - भारतीय शेयर बाजारों में तेज करेक्शन का बड़ा फैक्टर कमजोर ग्लोबल संकेत है. एशियन मार्केट में सोमवार को जोरदार बिकवाली है. इसकी वजह अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान है, जिसमें उन्होंने मैक्सिको, कनाडा और चीन पर टैरिफ का ऐलान किया है. इसके चलते निक्केई, कोस्पी में करीबन 3 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल रही.
- - डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा, चीन और मैक्सिको पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. इसके तहत कनाडा और मैक्सिको पर 25 फीसदी तक की ड्यूटी लगाई है. साथ ही 10 फीसदी का ड्युटी चीन पर भी लगाई है. एनलिस्ट्स मान रहे हैं कि ट्रंप के इस कदम के चलते एक बार फिर ट्रेड वॉर शुरू हो सकता है.
- - डॉलर इंडेक्स में तेजी दर्ज की जा रही है. इसके चलते भारतीय रुपए की वैल्यू में गिरावट है. डॉलर के मुकाबले रुपया सोमवार को रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया है, जोकि 87 के पार निकल गया है. टैरिफ के चलते डॉलर में मजबूती देखने को मिल रही है. डॉलर इंडेक्स 109.6 के पार निकल गया है.
- - इसी हफ्ते रिजर्व बैंक की एमपीसी मीटिंग है, जिसमें ब्याज दरों पर फैसला आएगा. इससे पहले खपत बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स को लेकर कई ऐलान किए हैं. एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि फरवरी पॉलिसी में ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट्स घटाया जा सकता है. बता दें कि आरबीआई की एमपीसी मीटिंग 5 से 7 फरवरी के बीच होना है.
- - विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से घरेलू मार्केट में बिकवाली देखने को मिल रही, जोकि अक्टूबर से जारी है. 1 अक्टूबर, 2024 से 1 फरवरी 2025 तक के डिपॉजिटिरी आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने करीब 2.7 लाख करोड़ रुपए के शेयरों की बिकवाली की है.


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