नई दिल्ली। कोरोना महामारी के चलते देश और दुनिया में लागू लॉकडाउन के चलते बिगड़ रही अर्थव्यवस्था के कारण शेयर बाजार में लगातार दबाव में हैं। इस बीच केन्द्र की मोदी सरकार ने करीब 21 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज भी घोषित किया, लेकिन इससे भी भारतीय शेयर बाजार नहीं संभल सका। यह लगातार तीसरा हफ्ता था, जब शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। इस सप्ताह के आखिरी कारोबारी सत्र में शुक्रवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह से 425.14 अंकों यानी 1.37 फीसदी की गिरावट के साथ 30,672.59 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी पिछले सप्ताह से 97.50 अंकों यानी 1.07 फीसदी की कमजोरी के साथ 9,039.25 अंक के स्तर पर बंद हुआ।

मिडकैप-स्माल कैप इंडेक्स में रही गिरावट
बीएसई मिडकैप सूचकांक पिछले सप्ताह के मुकाबले 230.30 अंकों यानी 2 फीसदी की गिरावट के साथ 11,270.02 पर बंद हुआ। स्मॉल-कैप सूचकांक पिछले सप्ताह 164.63 अंकों यानी 1.54 फीसदी की गिरावट के साथ 10,524.23 पर बंद हुआ। सप्ताह की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई थी और देशव्यापी लॉकडाउन की समयसीमा आगे बढ़ाए जाने से बाजार में शिथिल कारोबार के कारण बिकवाली के भारी दबाव में सोमवार को सेंसेक्स पिछले सत्र से 1,068.75 अंक यानी 3.44 फीसदी लुढ़ककर 30,298.98 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी सप्ताह के पहले दिन के कारोबार के आखिर में पिछले सत्र से 313.60 अंकों यानी 3.43 फीसदी की गिरावट के साथ 8.823.25 पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के पूरे हफ्ते का हाल
हालांकि, कारोबारी सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विदेशी संकेतों से मिले मजबूत संकेतों से सेंसेक्स 167.19 अंकों यानी 0.59 फीसदी की तेजी के साथ 30,196.17 पर बंद हुआ। निफ्टी पिछले सत्र से 55.85 अंकों यानी 0.63 फीसदी की तेजी के साथ 8,879.10 पर बंद हुआ। घरेलू कंपनियों के बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के नतीजों से उत्साहित सेंसेक्स पिछले सत्र से 622.44 अंकों यानी 2.06 फीसदी की जबरदस्त तेजी के साथ 30,818.61 पर बंद हुआ। निफ्टी पिछले सत्र से 187.45 अंकों यानी 2.11 फीसदी के उछाल के साथ 9066.55 पर बंद हुआ। तेजी का यह सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा और सेंसेक्स पिछले सत्र से 114.29 अंकों यानी 0.37 फीसदी की तेजी के साथ 30,932.90 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 39.70 अंकों यानी 0.44 फीसदी बढ़त के साथ 9,106.25 पर ठहरा।
आरबीआई के उपायों से बाजार निराश
सप्ताह के आखिरी सत्र में आबीआई द्वारा अचानक रेपो रेट में कटौती समेत राहत के कई उपायों की घोषणा की गई, मगर उससे निवेशकों का मनोबल ऊंचा नहीं हुआ। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में देश की आर्थिक विकास दर यानी सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर निगेटिव रहने की आशंका जताई है, जिससे शुक्रवार को दलाल स्टरीट पर मायूसी छा गई और सेंसेक्स पिछले सत्र से 260.31 अंकों यानी 0.84 फीसदी से गिरावट के साथ 30,672.59 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 67 अंकों यानी 0.74 फीसदी की गिरावट के साथ 9,039.25 पर ठहरा।
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