Stock Market Bloodbath: शेयर मार्केट में आज 'रेड' फ्राइडे, Nifty और Sensex धड़ाम!

Stock Market Bloodbath: लगातार दो दिनों की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में 27 मार्च को तेज गिरावट देखने को मिल रही है। दोपहर करीब 12:30 बजे के आसपास सेंसेक्स (Sensex) 1,300 प्वाइंट गिरकर 74,010 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, तो निफ्टी (Nifty)करीब 400 प्वाइंट की गिरावट के साथ 22,910 के आसपास कारोबार कर रहा था। दोनों ही मुख्य इंडेक्सों में गिरावट देखी गई। इस गिरावट से यह साफ दिखाई देता है कि निवेशक बाजार में अभी भी काफी सतर्क बने हुए हैं।

Share Market

सेक्टोरल इंडेक्स (Sectoral Index) की बात करें, तो दोपहर करीब 12:30 बजे तक Nifty IT को छोड़कर सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। Nifty PSU Bank में 3.07% की गिरावट, Nifty Chemicals में 2.84% की गिरावट, Nifty Auto में 2.30% की गिरावट और Nifty Realty में 2.38% की गिरावट देखी गई है।

प्रॉफिट बुकिंग की वजह से गिरावट-
एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस गिरावट का मुख्य कारण प्रॉफिट बुकिंग है। 24 और 25 मार्च को बाजार (Market) में शानदार रिकवरी देखने को मिली थी, जब Sensex और Nifty लगभग 3.5 प्रतिशत बढ़ गए थे। ऐसे में कई निवेशक (Investors), जो उच्च स्तर पर निवेश कर चुके थे, अब लाभ सुरक्षित करने के लिए शेयर (Share) बेच रहे हैं, जिससे बाजार (Market) में गिरावट देखी जा रही है।

ईरान का रवैया बाजार पर भारी-
वैश्विक स्तर पर भी बाजार पर दबाव बढ़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (Trump) ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों पर लगी रोक को 6 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। इसके बावजूद ईरान ने नरम रवैया नहीं अपनाया है। इस स्थिति ने वैश्विक इक्विटी बाजारों ने बिकवाली को बढ़ावा दिया। 26 मार्च को अमेरिकी बाजार (US Market) लगभग 2% गिर गए थे। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.4% के पार पहुंच गई, जिससे गुरुवार को वॉल स्ट्रीट के सूचकांक सितंबर के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गए। इसका असर 27 मार्च को भारत और एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है।

कच्चे तेल की कीमतों में खास सुधार नहीं-
इसके साथ ही कच्चे तेल (Crude Oil) के भाव में शुक्रवार को हल्की गिरावट देखी गई, लेकिन यह अभी भी $100 प्रति बैरल से अधिक बना हुआ है। इसके एक दिन पहले तेल के भाव में तेज बढ़ोतरी हुई थी, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बना। भारतीय रुपया भी कमजोरी के निशान पर है। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 94 के स्तर से नीचे गिरकर 94.29 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति संकट के चलते रुपया दबाव में है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली-
पिछले दो सत्रों में विदेशी निवेशक भी सेलर की भूमिका में ही नजर आए। इस वजह से बाजार पर दबाव बना हुआ है। India VIX, जो बाजार की अस्थिरता को दर्शाता है, 7.5% की तेजी के साथ 26.53 पर कारोबार कर रहा है। यह संकेत देता है कि निकट भविष्य में बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में मार्केट में सतर्क रहने की जरूरत है।


[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]

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