नई दिल्ली, अगस्त 1। 25 लाख रुपए का कर्ज लेकर सुनील वाचानी ने 30 वर्ष पहले 14 इंच के टीवी बनाने का बिजनेस शुरू किया था। यह व्यापार उन्होंने नई दिल्ली के बाहरी इलाके में एक किराए के मकान से शुरू किया था। आज उनकी कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज के पास करीब 50 मिलियन स्मार्टफोन सालाना बनाने की क्षमता है। उनकी कंपनी की बाजार वैल्यू आज 18000 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की है। चलिए जानते है सुनील वाचानी की सफल होने की कहानी।
कंपनी में एक तिहाई हिस्सा
सुनील वाचानी और उनका परिवार आज देश के अरबपति परिवारों में गिने जाते है। वाचनी का कंपनी में एक तिहाई हिस्सा है। जिसकी कीमत लगभग 6500 करोड़ रुपए है। वाचानी एक उद्यमी परिवार से आते हैं। उनके पिता और भाई-बहनों ने वेस्टन ब्रांड के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और उपकरणों के निर्माण का व्यापार शुरू किया। उन्होंने भारत का पहला रंगीन टीवी और वीडियो रिकॉर्डर बनाया और एक वीडियो गेम पार्लर भी चलाया। वाचानी सिंधी हैं, जो भारत में एक छोटा समुदाय है, लेकिन वे व्यवसाय पर हावी हैं।
पहली कमाई 109 रूपये
अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वाचानी ने वर्ष 1993 में अपने परिवार का व्यापार शुरू करने के बजाय खुद का व्यापार शुरू करने का फैसला लिया और उन्होंने अपनी कंपनी शुरू की। पहले उनको किसी भी बैंक ने उधार नहीं दिया क्योंकि उनके पास गारंटी के लिए कुछ नही था। उसने निर्यात अनुबंध के एवज में बैंक से पैसे ले लिए फिर वे बिजनेस करने के लिए काफी उत्साहित थे। उनकी खुशी का तब पता चला जब शुरू में पहली कमाई 109 रूपये के की।
आज काफी कमाई मोबाइल फोन बनाने से
पहले कंपनी ने सैमसंग और पैनासोनिक जैसी कंपनियों के लिए मोबाइल फोन बनाना शुरू किया था। आज डिक्शन को मोबाइल फोन बनाने से काफी कमाई होती है। पिछले वित्तीय वर्ष में अकेले मोबाइल फोन का राजस्व में 12 प्रतिशत का योगदान था और अगले वित्तीय वर्ष में अकेले मोबाइल से राजस्व का 44 फीसदी होने की संभावना है।


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