नयी दिल्ली। कहते हैं कि किस्मत भी हिम्मत दिखाने वालों का साथ देती है। हिम्मत के साथ मेहनत भी जरूरी है। अगर हिम्मत, मेहनत और किस्मत का मेल हो जाए तो फिर कामयाबी मिलना तय है। कुछ ऐसा ही हुआ है पुणे (महाराष्ट्र) के रेवन शिंदे के साथ। शिंदे ने एक साल में ही एक छोटे से बिजनेस से अपनी कमाई लाखों में पहुंचा दी। यकीन करना मुश्किल मगर उन्होंने चाय के बिजनेस में इतनी कामयाबी हासिल की। मगर ऐसा नहीं है कि उन्हें एक दम से ये आइडिया आया और सफल हो गया। बल्कि उन्हें नौकरी जाने का झटका लगा। 2019 के आखिरी महीने में उनकी सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी चली गई। पर शिंदे ने हार नहीं मानी।
शुरू किया चाय का स्टार्टअप
दिसंबर 2019 में नौकरी जाने के बाद शिंदे ने जून 2020 में चाय का स्टार्टअप शुरू कर दिया। असल में लॉकडाउन में जब ढील मिली और ऑफिस खुले तो लोगों को चाय नहीं मिल पा रही थी। शिंदे ने इसी चीज को ध्यान में रखते हुए शुरुआत में मुफ्त में चाय और कॉफी दी। कारोबार बढ़ता गया और अब उनकी रोज की बिक्री 700 कप चाय की है।
सिर्फ 12 हजार रु थी सैलेरी
करीब छह साल पहले शिंदे काम की तलाश में पुणे आए थे। वे अकेले नहीं बल्कि अपने भाई-बहनों के साथ आए थे। पुणे के पिंपरी चिंचवड में एक रसद कंपनी थी, जिसमें उन्हें सिक्योरिटी गार्ड की जॉब मिल गई। मगर उनकी सैलेरी केवल 12,000 रु थी। पर हुआ ये कि दिसंबर 2019 में वो रसद बंद हो गई, जिसके साथ ही शिंदे बेरोजगार हो गए। इसके बाद उन्होंने स्नैक्स सेंटर में जॉब की। आखिरकार 15 में किराए पर जगह लेकर शिंदे ने अपना स्नैक और टी कॉर्नर खोल दिया।
फ्री में दी चाय
लॉकडाउन में शिंदे के सामने दिक्कतें आईं। जून आते-आते लॉकडाउन खुलने लगा और ऑफिसों में कम संख्या में ही सही मगर काम शुरू हो गया। मगर लोग करीबी चाय वालों से भी डरते थे। शिंदे ने एक खास प्लान अपनाया। उन्होंने थर्मस और पेपर उठाया और ऑफिसों में पहुंच कर फ्री चाय-कॉफी देने लगे। दो महीने तक उन्होंने खूब फ्री सेवा दी। मगर फिर उनके पास ऑर्डर आने लगे।
कितनी है कमाई और मुनाफा
शिंदे अदरक की चाय, कॉफी और अब गर्म दूध भी बेचते हैं। उनकी चाय के छोटे कप की कीमत 6 रु और बड़े कप की कीमत 10 रु है। वे रोज पिंपरी-चिंचवड में करीब 700 कप की बिक्री करते हैं। इससे उन्हें हर महीने 2 लाख रु की कमाई होती है, जिसमें मुनाफा 2000 रु है। यानी महीने में उनका मुनाफा 50-60 रु है, जबकि सालाना कमाई 24 लाख रु तक है।
ग्राहक हैं खुश
चाय के संभावित ग्राहकों में से अधिकांश स्टॉल पर हाईजीन से काफी खुश रहे हैं। ये एक बड़ा कारण उनकी बिक्री बढ़ने का। लोगों को मन में स्वच्छता को लेकर डर कम हो गया। उन्होंने कोरोना काल में हाईजीन पर ध्यान दिया, जो उनकी कामयाबी की एक वजह है।
कहां तैयार होती है चाय
चाय एक सेंट्रल रसोई में बनाई जाती है और सोलापुर के एक गाँव के पाँच लोग, जिनमें से कुछ छात्र हैं, शिंदे के साथ कारोबार में शामिल हो गए हैं। शिंदे के अनुसार उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है, मगर यह उनके बड़े भाई के बिना संभव नहीं था।
More From GoodReturns

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

DTH और Cable TV होने वाला है बंद? सरकार के नए नियमों का पूरा Fact Check!

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!

कच्चे तेल में बड़ी गिरावट: आज इन 5 सेक्टर्स के शेयरों में दिखेगी हलचल, चेक करें लिस्ट

3 अगस्त को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही रहेगा? जानें 22K और 24K के ताजा रेट

आज 2 अगस्त को सोने के दाम स्थिर: क्या खरीदारी का सही मौका है? जानें 22K-24K के ताजा रेट

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

SEBI के नए बायबैक नियम लागू: अब ओपन-मार्केट में निवेश से पहले जान लें ये 5 बड़े बदलाव



Click it and Unblock the Notifications