Standard Glass Lining IPO Listing: शेयर बाजार में आज 13 जनवरी को जोरदार बिकवाली देखने को मिल रही. प्रमुख इंडेक्स लगातार चौथे दिन लाल निशान में ट्रेड कर रहे. इस कमजोर बाजार में एक नए शेयर की एंट्री हो गई है. स्पेशल इंजीनियरिंग इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग टेक्नोलॉजी का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लिस्ट हो गया है.
शेयर एनएसई पर 35.71 फीसदी के प्रीमियम पर 190 रुपए और बीएसई पर 25.71 फीसदी यानी 176 रुपए के भाव पर लिस्ट हुआ है. बता दें कि आईपीओ का इश्यू प्राइस 140 रुपए है. इससे पहले आईपीओ को जबरदस्त रिस्पांस मिला था, जोकि अंतिम दिन 185 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब होकर बंद हुआ था. यह आईपीओ रिटेल निवेशकों के लिए 6 जनवरी से 8 जनवरी 2025 तक खुला रहा.
स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग का शेयर
BSE पर स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग का शेयर हल्की गिरावट के साथ 169.75 रुपए के भाव पर है. NSE पर शेयर लिस्टिंग भाव से हल्की बढ़त के साथ 172.99 रुपए के भाव पर ट्रेड कर रहा है. एक्सचेंज पर शेयर का कुल मार्केट कैप 3,432.65 करोड़ रुपए हो गया है.

आईपीओ से फंड जुटाने की योजना
स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग ने 410 करोड़ रुपए जुटाने के लिए आईपीओ लॉन्च किया. इसमें 210 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी किए गए. जबकि 200.05 करोड़ रुपए के लिए 1.42 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) रहा. रिटेल निवेशकों को एक लॉट में 107 शेयर मिले. बता दें कि आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स बुक रनिंग लीड मैनेजर्स रहे, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज इस आईपीओ के लिए रजिस्ट्रार के रूप में काम किया.
आईपीओ पर ब्रोकरेज की राय
ब्रोकरेज फर्म एसबीआई सिक्योरिटीज ने स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग टेक्नोलॉजी के आईपीओ पर नोट जारी किया है. इसके तहत आईपीओ में लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट के लिए सब्सक्राइब की रेटिंग दी है. ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि कंपनी जियोग्राफिकल और प्रोडक्ट्स एक्सपेंशन के साथ मीडियम टर्म में रेवेन्यू ग्रोथ 20-25 फीसदी के बीच रहने सकता है. कंपनी 2026 तक एक्सपोर्ट से आय 20 फीसदी तक करना चाहती है, जोकि फिलहाल 0.5 फीसदी है. कंपनी फिलहाल सेक्टर में अपनी प्रतिद्वंदियों के मुकाबले ठीकठाक वैल्युएशन पर ट्रेड कर रहा है.
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी कई कार्यों के लिए करेगी. इसके तहत कंपनी मशीनरी और इक्विपमेंट खरीदने पर 10 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बना रही है. फिर 130 करोड़ रुपए का इस्तेमाल कुछ बकाया कर्ज को चुकाने या समय से पहले चुकाने के लिए किया जाएगा.
RHP के मुताबिक सब्सिडियरी कंपनी S2 इंजीनियरिंग इंडस्ट्री के लिए 30 करोड़ रुपए का निवेश भी तय किया गया है. इसके अलावा स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग अधिग्रहण या रणनीतिक निवेश के जरिए इनऑर्गैनिक ग्रोथ के लिए 20 करोड़ रुपए खर्च कर सकती है, बाकी रकम को सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए खर्च करेगी.


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