Stallion India Fluorochemicals IPO: आईपीओ बाजार में गुरुवार 16 जनवरी से एक और आईपीओ खुलने को तैयार है. स्टैलियन इंडिया फ्लोरोकेमिकल्स लिमिटेड 199.45 करोड़ रुपए जुटाने के लिए अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लॉन्च करने के लिए कमर कस लिया है.
20 जनवरी से बंद हो जाएगा आईपीओ
IPO में फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों शामिल हैं. रिटेल निवेशकों के लिए 16 जनवरी से 20 जनवरी तक बोली लगाने के लिए खुला रहेगा. रिटेल निवेशकों, छोटे गैर-संस्थागत निवेशकों (sNII) और बड़े NII (bNII) के लिए अलग-अलग न्यूनतम निवेश आवश्यकताओं के साथ प्राइस बैंड 85 और 90 रुपए प्रति शेयर के बीच तय की गई है.
आईपीओ में रिजर्व होगी हिस्सेदारी
आईपीओ शेयरों का आवंटन इस प्रकार से किया गया है. नेट इश्यू का 50% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए, 35% खुदरा निवेशकों के लिए और अन्य 15% गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) के लिए रिजर्व है. शेयर अलॉटमेंट का 21 जनवरी को होगा. कंपनी के शेयरों के 23 जनवरी को एनएसई और बीएसई पर लिस्ट होने की उम्मीद है.

स्टैलियन इंडिया फ्लोरोकेमिकल्स का कारोबार
स्टैलियन इंडिया फ्लोरोकेमिकल्स दो दशकों से ज्यादा समय से इंडस्ट्री में है, जो रेफ्रिजरेंट और इंडस्ट्रियल गैसों पर फोकस करती है. उनकी फैसिलिटीज महाराष्ट्र, राजस्थान और हरियाणा में स्थित हैं. ये गैसें एयर कंडीशनिंग, फायर सेफ्टी, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोबाइल प्रोडक्शन जैसे विभिन्न सेक्टर्स में काम आती हैं.
कंपनी के लिए रिस्क और चुनौतियां
कंपनी रेफ्रिजरेंट गैस की बिक्री पर भारी निर्भरता इसे बाजार में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनाती है. इसके अलावा आय का एक बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र और दिल्ली से आता है. कंपनी चीन से कच्चे माल पर भी बहुत ज्यादा निर्भर करती है, जिससे प्राइस अस्थिरता और सप्लाई चेन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.
स्टैलियन इंडिया फ्लोरोकेमिकल्स में प्रोमोटर और शेयरहोल्डिंग
इस आईपीओ के प्रोमोटर शहजाद शेरियार रुस्तमजी, मनीषा शहजाद रुस्तमजी और रोहन शहजाद रुस्तमजी हैं. आईपीओ लॉन्च होने से पहले, उनके पास कंपनी के कुल 94.63% शेयर थे. हालाकि, आईपीओ के बाद उनकी हिस्सेदारी घटकर 67.9% रह जाएगी.


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