Indian Railways Special Trains For Kumbh Mela: भारतीय रेलवे प्रयागराज में 12 जनवरी, 2025 से होने वाले भव्य कुंभ मेले के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहा है। इस धार्मिक उत्सव में 30 करोड़ से 50 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। ऐसे में रेलवे अपने यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेनें लाने की प्लानिंग कर रहा है। आइए इसके बारे में आपको सारी जानकारी देते हैं।

पटरियों पर दौड़ेंगी लगभग 1000 स्पेशल ट्रेनें
यात्रियों की वृद्धि को संभालने के लिए, रेलवे 992 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा, जो साल 2019 के कुंभ मेले के दौरान संचालित ट्रेनों की संख्या से 42% अधिक है। इसमें कुल 24 करोड़ से अधिक लोग शामिल हुए थे।
इन अलावा सेवाओं को आरामदायक सुविधा सुनिश्चित करने के लिए, मंत्रालय ने 933 करोड़ रुपये की निर्धारित किए है। इस निवेश का उद्देश्य ट्रेन सेवाओं का सही संचालन और इस अवधि के दौरान यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना है।
स्पेशल ट्रेनों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि और सुधार के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय आवंटन दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समारोहों में से एक का समर्थन करने के लिए भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है।
इतने रुपये का रेलवे कर रहा है निवेश
यात्रा को बढ़ाने के लिए, रेल मंत्रालय प्रयागराज डिवीजन और आस-पास के क्षेत्रों में रेलवे ट्रैक के दोहराव में लगभग 3,700 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। यह परियोजना त्योहार के समय के दौरान ट्रेन संचालन को सही रखने के लिए बनाई गई है।
कुंभ के चलते वाराणसी और झूसी के बीच रेल लाइनों को दोगुना किया जा रहा है, जो बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी से प्रगति का संकेत भी है।
इसके अलावा, मंत्रालय ने सड़क ओवरब्रिज बनाने के लिए 440 करोड़ रुपये और आवश्यक संवर्द्धन के लिए 495 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। ये धनराशि सड़क नवीनीकरण, सुरक्षा बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और रेलवे परिसरों में अतिरिक्त प्रतीक्षा क्षेत्र, ठहरने की सुविधा और चिकित्सा केंद्रों के निर्माण के लिए आवंटित की गई है। तीर्थयात्रियों की विशाल आमद को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने और उच्च सुरक्षा और आराम के स्तर को बनाए रखने के लिए ये सुधार महत्वपूर्ण हैं।
तैयारियों में एक महत्वपूर्ण कदम समर्पित माल ढुलाई गलियारे का पूरा होना है। यह विकास यात्री रेल लाइनों पर परिचालन संबंधी तनाव को काफी हद तक कम करने के लिए तैयार है। माल यातायात को इस नए गलियारे पर पुनर्निर्देशित करके, भारतीय रेलवे का लक्ष्य कुंभ मेले के दौरान अपनी यात्री सेवाओं की दक्षता और समय की पाबंदी को बढ़ाना है, जिससे लाखों उपस्थित लोगों के लिए समग्र अनुभव बेहतर हो।
इन रूट्स पर चलाने की तैयारी
आपको बता दें क 2025 में स्पेशल ट्रेनों की संख्या 992 है। ये ट्रेनें प्रयागराज क्षेत्र से 140 ट्रेनें प्रतिदिन चलाई जाएंगी। वहीं, स्पेशल ट्रेनों के लिए 174 रेक्स प्लान किए गए हैं। इसके अलावा सर्कुलर ट्रेन मार्ग प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, प्रयागराज, वाराणसी-अयोध्या- प्रयागराज है। दूसरी ओर, विभिन्न रोड ओवरब्रिज के काम पर लगभग 440 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों ने इस बात की भी जानकारी दी है कि वाराणसी और झूसी के बीच रेल लाइनों का दोहरीकरण पूरा हो चुका है, जो रेलवे के बुनियादी ढांचे में ठोस प्रगति को भी आगे बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है।


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