Tax Free Gold Bond: मोदी सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना की शुरुआत की थी। सरकार की सोच थी कि लोग फिजिकल गोल्ड यानी बाजार से सोना खरीदने की जगह ऑनलाइन 24 कैरेट गोल्ड पर तरफ ज्यादा ध्यान देंगे। योजना काफी सफल साबित हुई है। जब भी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना निवेश के लिए खुलती है, जमकर निवेश किया जा सकता है। इस स्कीम में निवेश पर तीन सबसे बड़ फायदे मिलते हैं। पहला है इन सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना से पूरी कमाई टैक्स होना। दूसरा है सस्ते में सोना मिलना। अंतिम और तीसरा फायदा है कि निवेश पर हर साल 2.50 फीसदी का ब्याज मिलना।
आरबीआई ने गोल्ड बांड में निवेश के लिए 6199 रुपये प्रति ग्राम का रेट तय किया है। अगर कोई ऑनलाइन गोल्ड बांड खरीदेगा और ऑनलाइन ही पेमेंट करेगा, तो उसे 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट भी दी जाएगी।
अगर आप भी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में निवेश करना चाहते हैं, तो यह मौका आ गया है। दिसंबर 2023 और फरवरी 2024 में निवेश का मौका मिलेगा। आप इन तारीखों के दौरान अधिकतम 4 किलो तक सोना खरीद सकते हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2023-24 सीरीज-3 में निवेश का मौका 18 से लेकर 22 दिसंबर मिलेगा। वहीं सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना की सीरीज-4 के लिए निवेश का मौका 12 से लेकर 16 फरवरी 204 तक मिलेगा।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में कैसे कर सकते हैं निवेश
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में निवेश ऑनलाइन और अन्य तरीके से किया जा सकता है। शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों के अलावा स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCIL), नामित डाकघरों और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (बीएसई) के माध्यम इनको खरीदा जा सकता है।
जानिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में कितना सोना खरीद सकते हैं
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं। इसमें हिन्दू अविभाजित परिवारों, ट्रस्ट, विश्वविद्यालयों, धर्मार्थ संस्थाओं को सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में निवेश की छूट होगी। इस योजना के तहत न्यूनतम 1 ग्राम सोने (Gold) में निवेश किया जा सकता है। वहीं अधिकतम निवेश की सीमा 4 किलोग्राम सोने तक की है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में 8 साल के करना होता है निवश
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में निवेश करने के बाद 8 साल तक यह बांड जारी रहता है। 8 साल के बाद यह बांड पूरा होता है और बाजार दाम पर सोने के रेट के हिसाब से पैसा वापस किया जाता है। हालांकि निवेशकों के पास 5 साल के बाद भी अपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) को बेचने की छूट होती है।
यह भी पढ़ें: जानिए आज के गोल्ड और सिल्वर के लेटेस्ट रेट
कैसे तय होता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) का रेट
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) का रेट निवेश शुरू होने के एक दिन पहले तय किया जाता है। इसके लिए रिजर्व बैंक यानी आरबीआई इंडियन बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन लिमिटेड की तरफ से जारी सोने के रेट से औसत के आधार पर गोल्ड बांड का रेट तय करती है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए ऑनलाइन पेमेंट पर 50 रुपये प्रति ग्राम छूट मिलेगी
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) योजना में निवेश अगर ऑनलाइन किया जाए तो छूट मिलती है। भुगतान डिजिटल तरीक से करने पर गोल्ड बाॉन्ड के तय रेट से 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट दी जाएगी।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश कर कितना मिलेगा हर साल ब्याज
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने पर हर साल ब्याज दिया जाता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में जो भी पैसा निवेश किया जाएगा उस पर हर साल 2.50 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। ब्याज का भुगतान साल में दो बार किया जाता है। अगर कोई 1 लाख रुपये का निवेश सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में करेगा तो उसे हर साल 2500 रुपये ब्याज के रूप में दिया जाएगा। निवेश अगर चाहे तो अपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को लोन के लिए कोलैटरल के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से होने वाली पूरी कमाई इनकम टैक्स फ्री
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने के बाद अगर पैसा 8 साल में स्कीम पूरी होने के बाद लिया जाता है तो वह पूरी तरह से टैक्स फ्री होगा। इनकम टैक्स एक्ट, 1961 (1961 का 43) के प्रोविजन के अनुसार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर केवल ब्याज टैक्सेबल होगा। किसी व्यक्ति को एसजीबी के रिडेम्पशन से मिले पैसे पर पूरी तरह से कैपिटल गेन टैक्स मिलती है। बॉन्ड ट्रांसफर किए जाने पर किसी व्यक्ति को मिलने वाले लॉन्गटर्म कैपिटल गेन्स के लिए इंडेक्सेशन बेनिफिट्स दिए मिलेंगे।


Click it and Unblock the Notifications