सोना खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। त्योहारी सीजन से पहले मोदी सरकार एक बार फिर आपके लिए सस्ता सोना खरीदने का मौका दे रही है।
नई दिल्ली : सोना खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। त्योहारी सीजन से पहले मोदी सरकार एक बार फिर आपके लिए सस्ता सोना खरीदने का मौका दे रही है। बता दें कि सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड योजना 2020-21 की श्रृंखला- सात के तहत सोना 12 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक खरीदा जा सकता है। GOLD : जानिए भारत में सोना खरीदने के लिए सबसे सस्ता शहर ये भी पढ़ें

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशक को फिजिकल रूप में सोना नहीं मिलता। यह फिजिकल गोल्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि स्वर्ण बॉन्ड का निर्गम मूल्य 5,051 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है।
ऑनलाइन खरीदारी पर 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट
आरबीआई ने एक बयान में कहा कि बॉन्ड का मूल्य अभिदान अवधि से पिछले सप्ताह के आखिरी तीन कारोबारी दिनों में 999 शुद्धता वाले सोने के औसत बंद भाव के आधार पर 5,051 रुपये प्रति ग्राम है। सरकार ने आरबीआई के परामर्श से ऑनलाइन आवेदन करने और डिजिटल माध्यम से भुगतान करने वाले निवेशकों को प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट देने का फैसला किया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि ऐसे निवेशकों के लिए स्वर्ण बॉन्ड की कीमत 5,001 रुपये प्रति ग्राम होगी। सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड योजना (एसजीबी) की 2020-21 श्रृंखला की आठवीं कड़ी नौ नवंबर से 13 नवंबर तक अभिदान के लिए खुलेगी। आरबीआई भारत सरकार की ओर से सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड 2020-21 जारी कर रहा है। स्वर्ण बॉन्ड एक ग्राम सोना के गुणक में लिया जा सकता है। इसकी अवधि आठ वर्ष है और पांच साल के बाद इसमें बाहर निकलने का विकल्प भी है। गोल्ड बॉन्ड में न्यूनतम एक ग्राम सोना का निवेश किया जा सकता है और आम आदमी के लिए अधिकतम निवेश की सीमा चार किलोग्राम है, जबकि हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) के लिए चार किलोग्राम और ट्रस्ट के लिए यह सीमा 20 किलोग्राम है।
गोल्ड बॉन्ड खरीदने के फायदे
गोल्ड बॉन्ड पर सालाना 2.5 फीसदी का ब्याज मिलेगा। निवेशकों को कम से कम 1 ग्राम का बॉन्ड खरीदने की भी सुविधा मिलती है। निवेशकों को गोल्ड बॉन्ड के बदले लोन लेने की भी सुविधा है। पूंजी और ब्याज दोनों की सरकारी (सॉवरेन) गारंटी मिलती है। इंडिविजुअल को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना होगा। कर्ज लेने के लिए गोल्ड बॉन्ड का इस्तेमाल कोलेट्रल के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने पर टीडीएस भी नहीं कटता है।
यहां से कर सकते हैं गोल्ड बॉन्ड की खरीदारी
गोल्ड बॉन्ड की बिक्री स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, चुनिंदा पोस्ट ऑफिस, बैंकों, एनएससी और बीएससी के जरिए की जाती है। निवेशक इनमें से किसी भी एक जगह से गोल्ड बॉन्ड की खरीदारी कर सकते हैं। गौरतलब है कि इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (आईबीजेए) की ओर से पिछले 3 दिन 999 प्योरिटी वाले सोने के दाम के आधार पर गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय होती है।
न्यूनतम 1 ग्राम तक खरीद सकते हैं सोना
सरकार ने सोने की मांग को कम करने और घरेलू बचत के एक हिस्से को वित्तीय बचत में बदलने के उद्देश्य से सरकारी स्वर्ण बांड योजना की शुरुआत नवंबर 2015 में की थी। गोल्ड बॉन्ड में वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) में प्रति व्यक्ति न्यूनतम निवेश एक ग्राम है, जबकि अधिकतम सीमा 500 ग्राम है। व्यक्तिगत और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) के लिए निवेश की अधिकतम सीमा 4 किलोग्राम और ट्रस्टों और संस्थाओं के लिए 20 किलोग्राम रखी गई है।


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