Sovereign Gold Bond 2025: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) निवेशकों के लिए अहम जानकारी साझा की है। अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच कई बॉन्ड धारकों को प्रीमैच्योर रिडेम्पशन यानी समय से पहले पैसा निकालने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए RBI ने हर ट्रेंच (किस्त) की तारीख और आवेदन की समय-सीमा जारी की है।

क्या होता है सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB)?
सोवरेन गोल्ड बॉन्ड सरकार की ओर से जारी किया गया एक सुरक्षित निवेश विकल्प है। इसे RBI भारत सरकार की तरफ से जारी करता है। इसमें निवेशक सोने की जगह कागज़ी बॉन्ड खरीदते हैं और इसका फायदा सोने की कीमत बढ़ने के हिसाब से मिलता है।
SGB की खास बातें
इस निवेश में हर साल 2.5% का ब्याज मिलता है, जो छह-छह महीने में खाते में आता है।
निवेश की कुल अवधि 8 साल की होती है।
5 साल पूरे होने के बाद निवेशक चाहें तो इसे पहले भी भुना सकते हैं।
मैच्योरिटी पर मिलने वाला फायदा टैक्स-फ्री होता है, इसलिए अधिकतर लोग इसे पूरा होल्ड करते हैं।
रिडेम्पशन प्राइस कैसे तय होता है?
निवेशकों को मिलने वाला पैसा सोने के बाजार भाव से जुड़ा होता है। RBI के अनुसार, रिडेम्पशन प्राइस उस समय तय होगा जब 999 शुद्धता वाले सोने का पिछले तीन कारोबारी दिनों का औसत भाव निकाला जाएगा। यह औसत भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) प्रकाशित करती है।
किन-किन तारीखों पर मिल सकेगा पैसा?
RBI की लिस्ट के मुताबिक -
2018-19 सीरीज़ I के बॉन्ड 4 नवंबर 2025 को समय से पहले रिडीम होंगे। आवेदन 4 अक्टूबर से 27 अक्टूबर 2025 तक होगा।
2019-20 सीरीज़ X के बॉन्ड 11 मार्च 2026 को रिडीम होंगे। इसके लिए 7 फरवरी से 2 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
2020-21 सीरीज़ XII के बॉन्ड 9 मार्च 2026 को रिडीम होंगे। आवेदन 6 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक होगा।
हर सीरीज़ की अलग-अलग तारीखें तय की गई हैं। अगर किसी दिन सरकारी छुट्टी पड़ी तो तारीखों में बदलाव भी हो सकता है।
कौन निवेश कर सकता है?
SGB में भारत में रहने वाले लोग निवेश कर सकते हैं। इसमें व्यक्तिगत निवेशक, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), ट्रस्ट, यूनिवर्सिटी और चैरिटी संस्थान शामिल हैं। अगर कोई व्यक्ति बाद में NRI बन जाता है, तब भी वह अपने बॉन्ड मैच्योरिटी तक रख सकता है।
निवेश की सीमा कितनी है?
न्यूनतम निवेश - 1 ग्राम सोना
अधिकतम निवेश - 4 किलो (व्यक्ति और HUF)
अधिकतम निवेश - 20 किलो (ट्रस्ट और संस्थान)
यह सीमा एक वित्तीय वर्ष के लिए है।
पैसा कैसे मिलेगा?
RBI या एजेंसी मैच्योरिटी से एक माह पहले सूचना देगी।
तय तारीख पर पैसा सीधे निवेशक के बैंक खाते में आएगा।
अगर बैंक डिटेल्स या ईमेल बदले हों तो निवेशक को समय रहते अपडेट करना होगा।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
RBI ने कहा है कि निवेशक अपनी सीरीज़ की तारीख और आवेदन अवधि ध्यान से देखें। अगर समय पर आवेदन करेंगे तभी उन्हें पैसा समय पर मिलेगा।
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