नई दिल्ली, अगस्त 7। भारत की प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट बिक चुकी है। वालमार्ट जो एक अमेरिकी कंपनी है। उसने फ्लिपकार्ट की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी 1 लाख करोड़ रुपए में खरीदी है। वैसे कंपनी को इस मुकाम में ले जाने में सचिन बंसल और विनी बंसल ने बहुत ज्यादा मेहनत की है। उन्होंने इस कंपनी की शुरुवात केवल 10 हजार रुपए से की थी। चलिए जानते है फ्लिपकार्ट की सफलता की कहानी।
शुरू में ये कंपनी केवल किताबे बेचा करती थी
फ्लिपकार्ट की शुरुवात वर्ष 2007 में मात्र 10 हजार रुपए से सचिन बंसल और विनी बंसल ने की थी। इन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली से पढ़ाई की थी। दोनो ने फ्लिपकार्ट को शुरू करने से पहले अमेजन के साथ काम किया था। शुरू में ये कंपनी केवल किताबे बेचने का काम करती थी। इन्होंने इस कंपनी की शुरुवात 10 हजार रुपए से कि जो आज 1.32 लाख करोड़ रुपए की हो गई है। कुछ रिपोर्ट कहती हैं कि एक समय वे स्कूटर पर कुछ सामान भी बेचा करते थे।
कंपनी को शुरुवात के 10 दिन एक भी ऑर्डर नही आया
बैंगलोर से सचिन और बिन्नी ने अपनी कंपनी की शुरुवात की थी। उन्होंने एक अपार्टमेंट में दो बैडरूम का फ्लैट रुपए में किराए पर लिया साथ ही 2 कंप्यूटर के साथ कंपनी की शुरुवात की। कंपनी को शुरुवात के 10 दिन एक भी ऑर्डर नही आया। उसके बाद आध्रप्रदेश के एक कस्टमर ने अपना पहला ऑर्डर बुक किया। उस किताब का नाम 'लिविंग माइक्रोसॉफ्ट टू चेंज द वर्ल्ड' था।
सरनेम एक मगर आपस में कोई रिश्ता नहीं
सचिन और बिन्नी बंसल, दोनो के सरनेम सुनने में एक से लगते है। मगर दोनो का आपस में कोई रिश्ता नहीं है। लेकिन ये आपस में बिजनेस पार्टनर है। इन दोनो में समानता ये है कि ये दोनो एक ही स्कूल से शिक्षा सेंट ऐनीज कॉन्वेंट स्कूल, चंडीगढ़ से की है। दोनो चंडीगढ़ के रहने वाले हैं। साथ ही इन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली से एक साथ ही पढ़ाई की है। आईआईटी के बाद वर्ष 2005 में सचिन बंसल टेकस्पेन से जुड़े। वह सचिन कुछ महीने काम करने के बाद वे अमेजन से एक वरिष्ठ साफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया। दोनो ने वर्ष 2007 में फ्लिपकार्ट कंपनी की शुरुवात की। फ्लिपकार्ट में अन्य प्रोडक्ट के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण, कपड़े बहुत सारे प्रोडक्ट्स मिलते है।


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