नयी दिल्ली। सोमवार को शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों, सेंसेक्स और निफ्टी, में भारी गिरावट आई। शेयरों में भारी बिकवाली के बीच दोनों ही सूचकांक 1.5 फीसदी से ज्यादा नीचे गिरे। बीएसई का सेंसेक्स 552 अंक या 1.63 फीसदी की गिरावट के साथ 33,229 और एनएसएई का निफ्टी 159 अंक या 1.6 फीसदी लुढ़क कर 9,814 पर बंद हुआ। आज शेयर बाजार में आई गिरावट के 5 बड़े कारण रहे। आइये नजर डालते हैं उन बड़े कारणों पर।

कोरोना मामलों में तेज बढ़ोतरी
भारत में कोरोनोवायरस मामलों में तेज उछाल से निवेशकों को झटका लगा है। भारत में कोरोना मामलों की संख्या में तेजी से वृद्धि दिख रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 3.33 लाख से अधिक हो गई है। वहीं इस महामारी से मरने वालों का आंकड़ा 9,500 से अधिक हो गया है। इन आंकडों से भारत अब दुनिया में चौथा सबसे अधिक कोरोना प्रभावित देश बन गया है।
कमजोर वैश्विक संकेत
एशियाई शेयर बाजारों में सोमवार को गिरावट आई। वहीं कोरोना की दूसरी लहर के डर से तेल की कीमतों में गिरावट आई और निवेशकों ने इक्विटी बाजार से पैसा निकाल कर सुरक्षित जगहों का रुख किया। इसके अलावा डॉव फ्यूचर्स लगभग 900 अंक या 3.5 प्रतिशत से ज्यादा गिर कर कारोबार कर रहा था, जो अमेरिकी शेयरों में भारी बिकवाली का संकेत है।
इकोनॉमिक संकेतक
बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत का औद्योगिक उत्पादन अप्रैल में 55.5 प्रतिशत गिरा, जो इसमें अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। दरअसल लॉकडाउन ने आर्थिक गतिविधियों को लगभग ठप कर दिया।
फाइनेंशियल शेयरों में हुई बिकवाली
आज शेयर बाजार में सबसे अधिक बिकवाली फाइनेंशियल शेयरों में हुई, जिसका सूचकांकों पर निगेटिल असर पड़ा। उदाहरण के लिए निफ्टी बैंक इंडेक्स 800 पॉइंट्स या करीब 4 फीसदी लुढ़का।
टेक्निकल फैक्टर भी हैं कारण
बाजार एक्सपर्ट कहते हैं कि भारतीय शेयर बाजार वैश्विक बाजारों की ही दिशा में चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस समय निफ्टी के लिए 9700 के स्तर पर एख सपोर्ट रह सकता है। पिछले 2 दशकों में जब दो बड़ी गिरावटें शेयर बाजार में आईं तो ने एक वापसी की मगर फिर से इसमें गिरावट शुरू हो गई। मौजूदा स्थिति को जानकार वही गिरावट वाला चरण मान रहे हैं।


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