नयी दिल्ली। पूरे देश में लगे लॉकडाउन से 45 दिनों तक स्मार्टफोन्स का प्रोडक्शन बंद रहा। इसके अलावा सेल्स भी पूरी ठप्प रही। लॉकडाउन के कारण ही देश में स्मार्टफोन की कुल शिपमेंट में भी भारी गिरावट आई। इस साल जनवरी-मार्च के मुकाबले अप्रैल-जून तिमाही के दौरान स्मार्टफोन शिपमेंट में 41 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। सीएमआर की 2020 की दूसरी तिमाही के लिए इंडिया मोबाइल हैंडसेट मार्केट रिव्यू रिपोर्ट के अनुसार साल-दर-साल आधार पर भी स्मार्टफोन की शिपमेंट में 41 फीसदी की ही गिरावट आई है। हालांकि अंतिम दो तिमाहियों (जुलाई से दिसंबर) में इसमें बढ़ोतरी की उम्मीद जतायी गयी है।
रेडमी का रहा दबदबा
सीएमआर के इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के प्रमुख प्रभु राम कहते हैं कि अप्रैल-जून तिमाही में मार्केट में काफी अफरा-तफरी रही। मांग और आपूर्ति दोनों प्रभावित हुईं। बता दें कि Redmi 8A Dual, Redmi 8 और Redmi Note 8 की सफलता से, जिनका कुल शिपमेंट में 60 प्रतिशत से अधिक योगदान रहा, शिओमी 30 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ बाजार की प्रमुख कंपनी रही। अपनी मजबूत सप्लाई चेन के सहारे सैमसंग के पास 24 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी रही। जनवरी-मार्च तिमाही के मुकाबले इसकी बाजार में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सैमसंग गैलेक्सी एम11, ए21एस और ए31 की इसकी कुल शिपमेंट में लगभग 50 प्रतिशत का योगदान दिया।
कैसा रहा वीवो-ओप्पो का हाल
वीवो की बाजार में हिस्सेदारी 17 प्रतिशत पर बरकरार रही। वाई 17 और वाई 91 के साथ-साथ वाई 50 ने इसकी कुल शिपमेंट में 55 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया। भारत में आने के बाद पहली बार रियलमी की बाजार हिस्सेदारी 2 प्रतिशत घटी। ओप्पो के मार्केट शेयर में भी 3 फीसदी की कमी आई है। आईफोन एसई (2020) की अच्छी मांग के कारण ऐप्पल शीर्ष दस स्मार्टफोन लीडरबोर्ड में आठवें स्थान पर रही।
चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा
अप्रैल-जून में चीनी कंपनियों का दबदबा बरकरार रहा। टॉप 5 में से चार पर पायदान पर चीनी कंपनियां रहीं। अप्रैल-जून तिमाही में चीनी कंपनियों के पास कुल बाजार हिस्सेदारी 73 प्रतिशत रही। हालांकि इसमें गिरावट आई। पिछली तिमाही में ये 81 प्रतिशत थी। सैमसंग मजबूत सप्लाई चेन के साथ अपनी बाजार में हिस्सेदारी को नियंत्रित रखने में कामयाब रही।
जुलाई-दिसंबर में बेहतर होगा बाजार
ऑनलाइन बिक्री में तेजी और आगामी त्योहारी सीजन से स्मार्टफोन बाजार तीसरी तिमाही फिर से चढ़ सकता है। राम कहते हैं कि हमें विश्वास है कि 2020 की दूसरी छमाही में स्मार्टफोन बाजार में रिकवरी होगी। इस दौरान उपभोक्ता प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में खरीदारी कर सकते हैं। सीएमआर की एक अन्य अधिकारी के अनुसार हमें लगता है कि हालिया घोषणाएँ, जैसे कि Jio-Google डील, भारत में मोबाइल हैंडसेट उद्योग के भविष्य के लिए अच्छी हैं।


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