
Small Savings Scheme : नए साल पर केंद्र सरकार की तरफ से स्मॉल सेविंग स्कीम्स में निवेश करने वालों को तोहफा दिया गया है। सरकार ने पिछले महीने के आखिरी में कुल 7 बचत योजनाओं पर ब्याज को बढ़ाने की घोषणा की थी। वहीं, एक स्कीम है। जिसमें मैच्योरिटी अवधि को घटा दिया गया है। इन योजनाओं में ब्याज की दरों में 1.1 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इन स्कीम में कई सारी योजना शामिल है। जैसे- पोस्ट ऑफिस सावधि जमा, एनएससी और एससीएसएस योजना शामिल है। इसमें किसान विकास पत्र (केवीएस) की ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई है। लेकिन केवीएस की मैच्योरिटी के अवधि को घटा दिया गया है। केवीएस की मैच्योरिटी की अवधि को 123 महीने से घटाकर 120 महीने कर दिया गया है। इन स्मॉल सेविंग स्कीम्स में अकाउंट होल्डर्स को अधिकतम 8 प्रतिशत तक का ब्याज मिलेगा। ये ब्याज दरें 31 मार्च 2023 तक के लिए लागू हैं। 31 मार्च 2023 के बाद एक बार फिर सरकार द्वारा इनकी समीक्षा की जाएगी।
इस प्रकार है सरकार द्वारा बढ़ाए जाने के बाद नई ब्याज दरें
एक साल का टाइम डिपॉजिट की ब्याज दरें 5.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है।
दो साल का टाइम डिपॉजिट की ब्याज दरें 5.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है।
तीन साल का टाइम डिपॉजिट की ब्याज दरें 5.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है।
पांच साल का टाइम डिपॉजिट की ब्याज दरें 6.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम की पुरानी दर 7.6 प्रतिशत थी और नई दर 8 प्रतिशत है।
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट में पुरानी ब्याज दर 6.8 प्रतिशत, नई दर 7 प्रतिशत
मंथली इनकम अकाउंट स्कीम पुरानी दर 6.7 प्रतिशत थी और नई ब्याज दर 7.1 प्रतिशत है।
कोई बदलाव नहीं इस स्कीम्स में
सरकार ने दो काफी पापुलर स्कीम है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) और सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) की ब्याज की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। अभी पीपीएफ के जो खाता है। उसमें 7.1 प्रतिशत ब्याज मिलता है। एसएसवाई योजना में 7.6 प्रतिशत ब्याज मिलता है। जो आगे भी जारी रहेगा। 5 साल की रेकरिंग डिपॉजिट स्कीम पर 5.8 प्रतिशत ब्याज रखा है। इस पर सरकार ने ब्याज नहीं बढ़ाया है।
इंतजार था लोगो को
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की तरफ से लगातार रेपो रेट में वृद्धि की गई है। बैंकों के एफडी पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गई। इसके बाद लोग अधिक वक्त से इंतजार कर रहे है कि सरकार अपनी बचत योजनाओं पर भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी करें। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में आरबीआई की तरफ से 5 बाद रेपो रेट में बढ़ोतरी की गई है। जिसके बाद रेपो रेट 6.25 प्रतिशत तक पहुंच गया है। महंगाई को काबू करने के लिए सरकार की तरफ से ऐसा किया गया था।


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