SIP vs STP: आज के समय में निवेश के दर्जनों ऑप्शन उपलब्ध हैं। हालांकि बेहतर और दमदार रिटर्न के लिए जरूरी है कि लंबी अवधि के लिए किसी भी स्कीम में निवेश किया जाए। दर्जनों निवेश ऑप्शन में निवेशकों के पास दो ऐसे ऑप्शन हैं जिनमें धमाकेदार रिटर्न मिलने की संभावना सबसे अधिक है। लेकिन सवा है कि इन दोनों में से किसी एक में निवेश करना हो तो कौन बेहतर विकल्प साबित हो सकता है? तो चलिए समझते हैं और जानते हैं कि दोनों में क्या अंतर है और कहां निवेश करना निवेशकों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद हो सकता है...

हम यहां जिन दो निवेश ऑप्शन की बात कर रहे हैं उनका नाम सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) और सिस्टेमेटिक ट्रांसफर प्लान (STP) है। इन दोनों के अपने अलग-अलग फायदे और निवेश के अलग तरीके हैं जो अलग-अलग निवेश उद्देश्यों के अनुसार काम आते हैं।
क्या है सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान?
SIP यानी सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान एक ऐसा तरीका है जिसमें आप नियमित रूप से (जैसे हर महीने या हर तीन महीने) किसी म्यूचुअल फंड में एक निश्चित राशि निवेश करते हैं। इससे आप अनुशासन के साथ नियमित रूप से कुछ साल तक निवेश करते हैं जिससे धीरे-धीरे आपका पैसा बढ़ता जाता है।
SIP के जरिए आप म्यूचुअल फंड में आसानी से निवेश कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए कई ऑप्शन मिलते हैं। इनमें इक्विटी, डेट, हाइब्रिड और ईटीएफ इत्यादि शामिल है। निवेश अपनी पसंद के हिसाब से निवेश के लिए किन्ही भी एक फंड का चयन कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड में अनुमानित रिटर्न 12 से 14 फीसदी रहता है। हालांकि इसमें मिलने वाला लाभ बाजार के उतार-चढ़ाव पर भी निर्भर करता है।
SIP का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आपको रुपया कॉस्ट एवरेजिंग का लाभ मिलता है यानी जब शेयर बाजार नीचे होता है तो आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और जब स्टॉक मार्केट ऊपर होता है तो कम यूनिट्स मिलते हैं। लंबे समय में यह औसत लागत को संतुलित करता है और 'कंपाउंडिंग' यानी ब्याज पर ब्याज से आपका पैसा लगातार बढ़ता जाता है।
सिस्टेमेटिक ट्रांसफर प्लान क्या है?
STP यानी सिस्टेमेटिक ट्रांसफर प्लान थोड़ा अलग है। इसमें आप एक फंड से दूसरे फंड में नियमित रूप से एक निश्चित राशि ट्रांसफर करते हैं। आमतौर पर पैसा एक कम जोखिम वाले फंड (जैसे लिक्विड या डेब्ट फंड) से किसी ज्यादा रिटर्न वाले फंड (जैसे इक्विटी फंड) में धीरे-धीरे डाला जाता है। यह तरीका उन निवेशकों के लिए अच्छा होता है जिनके पास एकमुश्त राशि है लेकिन वे सारा पैसा एक साथ बाजार में नहीं लगाना चाहते।
STP में सबसे पहले आप एकमुश्त राशि किसी कम जोखिम वाले फंड में निवेश करते हैं, जैसे डेब्ट या लिक्विड फंड में। फिर आप तय करते हैं कि हर महीने या हर कुछ समय बाद उस फंड से एक निश्चित राशि किसी दूसरे फंड (जैसे इक्विटी फंड) में ट्रांसफर की जाए। इसका फायदा यह है कि जब बाजार अस्थिर हो तो आपका पैसा सुरक्षित रहता है, और जब बाजार स्थिर हो जाए तो आप धीरे-धीरे उसे इक्विटी में स्थानांतरित कर सकते हैं। इससे जोखिम कम होता है और निवेश को सही समय पर किया जा सकता है।
STP और SIP में क्या है अंतर?
- एसटीपी और एसआईपी दोनों ही म्यूचुअल फंड में निवेश करने का जरिया है। हालांकि दोनों अलग तरीके से काम करते हैं।
- एसआईपी के जरिए आप किसी एक चयन फंड में तय सीमा और तय अमाउंट के तहत निवेश करते हैं।
- एसटीपी के जरिए आप एक फंड से दूसरे फंड में पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं।
- अगर शेयर बाजार का जोखिम ज्यादा हो, तो एसटीपी बेहतर विकल्प रहेगा क्योंकि इसमें पैसा इक्विटी से डेट फंड में ट्रांसफर करने का ऑप्शन मिलता है।
- एसआईपी में म्यूचुअल फंड योजना में नियमित रूप से छोटी राशि का निवेश करना शामिल है जबकि एसटीपी में एक ही फंड हाउस के भीतर धीरे-धीरे एकमुश्त राशि को एक योजना से दूसरी योजना में ट्रांसफर कर सकते हैं।
- एसआईपी में आपके बैंक खाते से म्यूचुअल फंड में सीधा निवेश होता है जबकि एसटीपी में एक मौजूदा म्यूचुअल फंड योजना से दूसरे में ट्रांसफर करते हैं।
- एसआईपी में दैनिक, साप्ताहिक, मासिक आधार पर निवेश करते हैं जबकि एसटीपी में योजनाओं के बीच ट्रांसफर के लिए पहले से निर्धारित अंतराल होता है।
- रिस्क मैनेजमेंट के लिए एसआईपी में निवेश को समय के साथ बढ़ा-घटा सकते हैं, जिससे बाजार के समय का जोखिम कम हो जाता है जबकि एसटीपी में एकमुश्त निवेश में परिवर्तन करते समय बाजार जोखिम का औसत होता है।
कौन-सा बेहतर है SIP या STP?
यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप निवेश कैसे करना चाहते हैं। बहुत से लोग छोटे-छोटे नियमित निवेश के जरिए काम करते हैं जबकि कुछ लोग एकमुश्त राशि को समझदारी से धीरे-धीरे लगाने के बारे में सोचते हैं। ऐसे में ये आपको तय करना होगा कि आपको काम कैसे करना है।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]
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