Silver Price: सोने में रिकॉर्डतोड़ तेजी के बाद अब चांदी ने खरीदारों की टेंशन बढ़ा दी है. इलेक्ट्रिकल व्हीकल और सोलर पैनल इंडस्ट्रीज के लिए बढ़ती डिमांड से चांदी में तूफानी तेजी है. भारतीय बाजारों हो या फिर ग्लोबल मार्केट, दोनों में चांदी ने रिकॉर्डतोड़ दिया है. घरेलू वायदा बाजार में चांदी का भाव 17 मई को पहली बार 92000 रुपए प्रति किलोग्राम के पार निकली और 92536 रुपए के रिकॉर्ड लेवल को टच किया. वहीं, इंटरनेशनल मार्केट में चांदी ने 11 सालों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 30 डॉलर प्रति ऑन्स का लेवल पार दिया. तो आखिर चांदी में इतनी बड़ी तेजी क्यों है? क्या इस साल ही चांदी का भाव 1 लाख रुपए के पार निकल जाएगा? चलिए इन सभी सवालों के जवाब जानतें हैं...
चांदी में क्यों आई तूफानी तेजी?
चांदी का भाव केवल साल 2024 में ही करीब 25% तक उछल चुका है. चांदी की कीमतों में बेस मेटल के बुलरन से जोश है. खासकर चांदी की हाजिर डिमांड तेजी से इजाफा हुआ है. क्योंकि सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्रीज से इसकी जबरदस्त डिमांड आ रही. जबकि उत्पादन डिमांड के मुकाबले कमजोर है. ऐसे में कीमतें रॉकेट की तरह ऊपर जा रही.
अनुमान है कि इस साल इंडस्ट्रियल डिमांड 9% बढ़ सकता है. खासकर सोलर सेक्टर में मांग 20% बढ़ने का अनुमान है. चांदी से बने गहनों की भी मांग में 6% इजाफे की उम्मीद है. सिल्वर इंस्टीट्युट की रिपोर्ट में बड़े डेफिसिट की आशंका है, जोकि 20 सालों में दूसरा सबसे बड़ा डेफिसिट अनुमान है. वहीं, अमेरिका में महंगाई के आंकड़े अप्रैल में अनुमान से बेहतर रहे.
अमेरिका में अप्रैल CPI 0.3% पर रही, जबकि अनुमान 0.4% रहने का अनुमान था. कोर महंगाई दर भी 3 साल में सबसे कम रही, जोकि 3.6% पर आ गई. इससे 2024 के सितंबर में होने वाली फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ गई हैं. इसके अलावा चांदी की तेजी को डॉलर इंडेक्स और 10-ईयर बॉन्ड यील्ड में गिरावट का भी सपोर्ट मिल रहा है.

चांदी को लेकर एक्सपर्ट का नजरिया
कोटक सिक्योरिटीज के कायनात चैनवाला ने कहा कि आगे भी इंडस्ट्रियल मेटल के तौर पर सिल्वर को बेस मेटल में मजबूती में तेजी का फायदा मिल सकता है. इमर्जिंग इक्विटी मार्केट में बुलिश सेंटीमेंट भी सिल्वर के लिए पॉजिटिव है. ऐसे में उम्मीद है कि इंडस्ट्रियल इस्तेमाल में बढ़ोतरी से चांदी की चाल आगे भी पॉजिटिव रही सकती है. हालांकि, चीन में इकोनॉमी में स्लोडाउन बड़ा रिस्क है. इसलिए अगले 3 महीने में सिल्वर का रेट MCX पर 75000 रुपए से 92000 रुपए प्रति किलोग्राम की रेंज में रह सकता है.
मेहता इक्विटीज के कमोडिटीज VP राहुल कलंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल मार्केट में चांदी के भाव और बढ़ सकता है. अहम लेवल 30 डॉलर को तोड़ते ही ये आगे और तेजी दिखा सकती है. इसलिए चांदी को लेकर अनुमान है कि अगर 30 डॉलर के ऊपर भाव बरकरार रह गया, तो बुल रन में चांदी 7 से 10 फीसदी की और मजबूती दिखा सकती है. जबकि 30 डॉलर के लेवल से नीचे फिसलने पर ये 28.50 और 27.90 डॉलर प्रति ऑन्स के लेवल तक फिसल सकता है.
लॉन्ग टर्म के लिए घरेलू ब्रोकरेज फर्म जैसे मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने तो चांदी पर बड़ा टारगेट दिया है. इसके तहत चांदी का भाव लंबी अवधि में 1 लाख रुपए प्रति किलोग्राम का लेवल भी टच कर सकता है. बता दें कि पिछले केवल 15 दिनों में चांदी का रेट 7000 रुपए से भी ज्यादा चढ़ चुका है.
ब्रोकरेज का 2024 के लिए चांदी पर टारगेट
ब्रोकरेज टारगेट (₹/kg)
मोतीलाल ओसवाल 1 लाख
पृथ्वी फिनमार्ट 1 लाख
ट्रेडबुल्स सिक्योरिटीज 98500
ऑगमेंट गोल्ड 91000
HDFC सिक्योरिटीज 90000
इंटरनेशनल मार्केट में चांदी
इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की तेजी नहीं थम रही है. शुक्रवार को कॉमैक्स पर चांदी 31.77 डॉलर प्रति ऑन्स के रिकॉर्ड लेवल पर बंद हुआ था, जिसमें इंट्राडे के दौरान ही 7% की तेजी दर्ज की गई. बता दें कि कॉमैक्स पर चांदी 2013 के बाद पहली बार 30 डॉलर का लेवल पार किया है. MCX पर तो चांदी ने रिकॉर्ड 92000 रुपए का लेवल पार कर दिया.


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