नई दिल्ली, मार्च 15। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड इस साल 5 जनवरी को सिल्वर ईटीएफ लॉन्च करने वाला पहला फंड हाउस बन गया था। इसने फंड ऑफ फंड (एफओएफ) स्कीम भी लॉन्च की थी। कोई म्यूचुअल फंड जो अन्य म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश करता है उसे फंड ऑफ फंड के नाम से जाना जाता है। यहां हम आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के एफओएफ की जानकारी देंगे, जिसने बेहद दमदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों का पैसा दोगुने से अधिक कर दिया है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ फंड ऑफ फंड - डायरेक्ट प्लान-ग्रोथ
यह एफओएफ 13 जनवरी 2022 को आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा लॉन्च किया गया था। यह एक ओपन-एंडेड कमोडिटी-आधारित सिल्वर ईटीएफ एफओएफ म्यूचुअल फंड स्कीम है। 28 फरवरी 2022 तक स्कीम की एयूएम 171.99 करोड़ रुपये की है। 11 मार्च 2022 तक फंड की एनएवी 11.23 रुपये है।
एक्सपेंस रेशियो उपलब्ध नहीं
फंड का वर्तमान एक्सपेंस रेशियो उपलब्ध नहीं है, क्योंकि फंड को हाल ही में म्यूचुअल फंड हाउस द्वारा लॉन्च किया गया था। अगर फंड 15 दिनों से पहले बेचा जाता है तो फंड की डायरेक्ट प्लान-ग्रोथ सेल वैल्यू का 1.0 फीसदी चार्ज करती है। बाकी कोई अन्य शुल्क नहीं है। इस फंड में आवश्यक न्यूनतम एसआईपी निवेश राशि 100 रुपये है। जोखिम मीटर पर यह थोड़े अधिक जोखिम वाला एफओएफ है।
क्या है फंड का मकसद
इस योजना का उद्देश्य घरेलू कीमतों में फिजिकल चांदी के प्रदर्शन के अनुरूप रिटर्न जनरेट करना है। मगर इस बात का कोई आश्वासन या गारंटी नहीं हो सकती ये योजना का निवेश उद्देश्य प्राप्त हो जाएगा। यह योजना चांदी के साथ एक्सचेंज ट्रेडर कमोडिटी डेरिवेटिव्स में भी भाग ले सकती है।
स्कीम का रिटर्न
इस फंड का 1 हफ्ते का रिटर्न 2.49 फीसदी और 1 महीने का रिटर्न 10.79 फीसदी रहा है। जबकि फंड की शुरुआत से इसने अब तक 138.08 फीसदी रिटर्न दिया है। यानी निवेशकों का पैसा केवल ढाई महीने में दोगुने से अधिक कर दिया है।
निवेश करें या नहीं
जानकारों का मानना है कि सिल्वर ईटीएफ एफओएफ में निवेश करना अच्छा हो सकता है। भारत में निवेशक फिजिकल चांदी खरीद रहे हैं, लेकिन समस्या यह है कि चांदी स्वभाव से भारी होती है। नतीजतन इसके स्टोरेज में कठिनाई आती है। सिल्वर ईटीएफ के माध्यम से चांदी में निवेश करने से निवेशकों को भंडारण, शुद्धता और अन्य ऐसे मामलों पर चिंता करने की जरूरत नहीं रह जाती है। इससे उन्हें चांदी में अधिक एफिशिएंसी से निवेश करने की सुविधा मिलती है। एक कीमती धातु होने के अलावा, चांदी कई तरह से इस्तेमाल होती है। मैन्युफैक्चरिंग, निवेश और आभूषण उद्योगों में इसकी बहुत मांग अधिक रहती है। इसलिए, सिल्वर ईटीएफ फिजिकल फॉर्म में चांदी खरीदने या एमसीएक्स के डेरिवेटिव बाजारों में खरीदने से बेहतर है। जानकार कहते हैं कि जब अर्थव्यवस्थाएं गति पकड़ती हैं, तो चांदी की मांग बढ़ने लगती है। इससे चांदी की कीमत ऊपर जाएगी, जिससे आपको फायदा भी होगा। एक ब्रोक्रेज फर्म का मानना है कि चांदी में खरीदारी 80,000 रुपये के लक्ष्य के लिए की जा सकती है। यानी आने वाले समय में चांदी की कीमत 80 हजार रु तक जा सकती है।


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