मुंबई: श्रीराम फाइनेंस ने 11 अक्टूबर से अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी अब 36 से 60 महीने की अवधि वाली एफडी पर आम नागरिकों को 7.85% का उच्चतम ब्याज दे रही है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को 0.50% का अतिरिक्त फायदा मिलेगा, जिससे उनके लिए अधिकतम ब्याज दर बढ़कर 8.35% हो गई है। इसके अलावा, 15 महीने की स्पेशल डिजिटल एफडी पर अब 7.5% की दर से रिटर्न मिलेगा। इस योजना में न्यूनतम ₹5,000 से निवेश शुरू किया जा सकता है, जिसके बाद ₹1,000 के गुणांक में और राशि जमा की जा सकती है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह बदलाव: ध्यान रखें कि एनबीएफसी (NBFC) कंपनियों की एफडी पर DICGC का इंश्योरेंस कवर लागू नहीं होता है। बैंक एफडी में ही प्रति निवेशक प्रति बैंक ₹5 लाख तक की सुरक्षा मिलती है। श्रीराम फाइनेंस की एफडी में क्युमुलेटिव और नॉन-क्युमुलेटिव (मासिक भुगतान सहित) दोनों तरह के विकल्प उपलब्ध हैं। यहां वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को अतिरिक्त ब्याज दिया जाता है, वहीं पुरानी एफडी रिन्यू कराने पर 0.15% ब्याज दर और बढ़ जाती है। ये सभी फीचर्स रिटायरमेंट के बाद टैक्स कटने के बाद मिलने वाली असल कमाई (कैश-फ्लो) पर बड़ा असर डालते हैं।

श्रीराम फाइनेंस की नई एफडी दरें: जानें पूरा चार्ट
| अवधि (महीने) | सामान्य दर (%) | वरिष्ठ नागरिक दर (%) |
|---|---|---|
| 12 | 7.00 | 7.50 |
| 15 (डिजिटल‑केवल) | 7.50 | 8.00 |
| 18–23 | 7.25 | 7.75 |
| 24–35 | 7.50 | 8.00 |
| 36–60 | 7.85 | 8.35 |
FD बनाम PPF और SCSS: टैक्स और सुरक्षा का गणित
केंद्र सरकार ने अक्टूबर–दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए अपनी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इस अवधि में पीपीएफ (PPF) पर 7.1%, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) पर 8.2% और एनएससी (NSC) पर 7.7% ब्याज मिल रहा है। पीपीएफ में EEE नियम के तहत मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी रकम पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है। वहीं, SCSS से मिलने वाला ब्याज करयोग्य है और इसके भुगतान पर TDS भी कटता है। इसका मतलब यह है कि श्रीराम फाइनेंस की सीनियर सिटीजन वाली टॉप एफडी दर तभी SCSS से बेहतर पोस्ट-टैक्स रिटर्न दे पाएगी, जब निवेशक कम टैक्स ब्रैकेट में आता हो और कंपनी का क्रेडिट रिस्क लेने के लिए तैयार हो।
निवेश कैसे करें: श्रीराम फाइनेंस की एफडी में निवेश करने के लिए अपनी केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी करें और बैंक डिटेल्स दर्ज करें। आप 15 महीने की स्पेशल डिजिटल एफडी सहित सभी प्लान्स ऑनलाइन बुक कर सकते हैं या नजदीकी ब्रांच में भी जा सकते हैं। समय से पहले निकासी (Premature Withdrawal) पर एनबीएफसी के नियम लागू होंगे, जिसके तहत 3 महीने का लॉक-इन पीरियड रहेगा (इमरजेंसी मामलों को छोड़कर) और बाद में निकासी करने पर ब्याज दरों में कटौती की जाएगी। बेहतर और संतुलित रिटर्न के लिए अलग-अलग मैच्योरिटी पीरियड में एफडी बांटने (लैडरिंग) की रणनीति अपनाएं और बैंक या पोस्ट ऑफिस स्कीम्स के साथ अपना पोर्टफोलियो बैलेंस रखें।


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