Net direct tax collection increased: देश में नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सरकार के संशोधित बजट लक्ष्य के करीब पहुंच गया है। आज जारी आंकड़ों के अनुसार नेट डायरेक्टर टैक्स कलेक्शन 15.6 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह सरकार के संशोधित लक्ष्य का 80 फीसदी से ज्यादा है। यह आंकड़े 10 फरवरी 2024 तक के लिए हैं।
1 फरवरी 2024 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य संशोधित कर 19.45 लाख करोड़ रुपये कर दिया था। वित्त वर्ष 2023 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 16.61 लाख करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2022 में ये आंकड़ा 14.08 लाख करोड़ रुपये था।

वित्त मंत्रालय के की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार 10 फरवरी 2024 तक ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 18.38 लाख करोड़ रुपये रहा है। इसमें पिछले साल के मुकाबले 17.3 फीसदी की ग्रोथ रही है। वहीं पहली अप्रैल से लेकर 10 फरवरी तक 2.77 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए हैं। इस प्रकार से नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 15.6 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो कि पिछले साल के मुकाबले 20.25 फीसदी बढ़ गया है।
सरकार ने अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष के लिए ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू के 38.31 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान दिया है। यह मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 34.37 लाख करोड़ रुपये के संशोधित लक्ष्य से भी 11.45 फीसदी अधिक है। सरकार ने अगले साल के लिए डायरेक्ट टैक्स के जरिए 21.99 लाख करोड़ रुपये और इनडायरेक्ट टैक्स के जरिए 16.31 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।
वहीं मोदी सरकार ने इस साल के लिए इनडायरेक्ट टैक्स के लक्ष्य को संशोधित कर 14.92 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इससे पहले वित्त वर्ष 2023 में इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13.94 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2022 में कलेक्शन 12.94 लाख करोड़ रुपये था।
वहीं सरकार ने कल एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया था। इसके तहत सरकार ने साल 2023-24 के लिए पीएफ खाते पर ब्याज को बढ़ा दिया था। ईपीएफओ यानि इम्प्लाई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की शनिवार को हुई बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर मुहर लगा दी गई है। बोर्ड के फैसले के मुताबिक साल 2023-24 के लिए ब्याज दरों को बढ़ाकर 8.25 फीसदी कर दिया है, जो कि इससे पिछले वित्त वर्ष के लिए 8.15 फीसदी पर थी।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह ईपीएफओ को अपने निवेश में मिलने वाले ऊंचा रिटर्न है। वित्त वर्ष के दौरान इक्विटी में किए गए निवेश सहित अन्य निवेश में बढ़त देखने को मिली है। वहीं इस दौरान कोविड के मद में निकाली जाने वाली राशि न के बराबर रही है। इससे फंड के पास ज्यादा रकम बांटने की गुंजाइश बनी। ईपीएफओ के ट्रस्टीज के बैठक में प्रस्तावित दरों को मंजूरी दी गई है इस बैठक की अध्यक्षता श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने की।
बोर्ड के द्वारा मंजूरी के बाद प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय भेजा जाएगा और मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद ब्याज को सब्सक्राइबर के खाते में जमा कर दिया जाएगा। पिछले साल मार्च 2023 में भी ईपीएफ खातों मिलने वाले ब्याज में हल्की बढ़त कर उसे 8.1 फीसदी से बढ़ाकर 8.15 फीसदी पर पहुंचा दिया गया था।
More From GoodReturns

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन

स्वतंत्रता दिवस सेल: खत्म होने में 48 घंटे, HDFC-SBI कार्ड पर 10% छूट पाने का सही तरीका

Shiprocket Listing Today: शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री! क्या ₹120 के पार खुलेगा भाव?



Click it and Unblock the Notifications