Shark Tank: शार्क टैंक के जज अनुपम मित्तल ने मामूली फ्लैट से शुरू किया था बिजनेस आज हैं मल्टीमिलेनियर

Shark Tank 3: शर्क टैंक का तीसरा सीजन आजकल काफी ज्यादा ट्रेंड कर रहा है और लोगों को भी खूब पसंद आ रहा है। शर्क टैंक में आने वाले एंटरप्रेन्योर्स तो अच्छा खासा कर पैसा कम ही रहे हैं लेकिन उन्हें फंड करने वाले जज की भी संपत्ति कुछ कम नहीं है। हालांकि आज अरबों रुपए के मालिक शर्क टैंक के जज कभी हमारी तरह आम जिंदगी जीते थे लेकिन उन्होंने अपनी तरक्की का रास्ता खुद चुना है और आज करोड़ों के मालिक बन चुके हैं।

आज हम बात कर रहे हैं शर्क टैंक के जज अनुपम मित्तल की जो पहले तो मुंबई की एक मामूली से फ्लैट में रहते थे और वहां से उन्होंने जो सपना देखा उसने उन्हें आज करोड़पति बना दिया है। आज हम आपको अनुपम मित्तल की सक्सेस स्टोरी के बारे में बताने जा रहे हैं।

anupam mittal

आपकी जानकारी के लिए बता दे की अनुपम मित्तल shaadi.com के सीईओ और फाउंडर है। वह मुंबई के हजार स्क्वायर फीट के फ्लैट में पहले बड़े हैं। अनुपम ने बताया है कि उनके पिता एक टेक्सटाइल इंडस्ट्री में काम करते थे लेकिन फिर भी कई बार उनकी फैमिली को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना ही पड़ता था।

अनुपम मित्तल ने बताया कि हजार स्क्वायर फीट के उसे मकान में काम से कम 20 लोग रहते थे। उन्होंने बताया हम कभी डाइनिंग टेबल पर या कहीं भी सो जाते थे पर हमें बुरा नहीं लगता था। क्योंकि हम उसे समय बच्चे थे और ज्यादा बच्चों के साथ में और मजा आता था।

लेकिन जब उनके पिता का फॉर्म बेहतर काम करने लगा तो अनुपम मित्तल पढ़ाई करने के लिए यूनाइटेड स्टेट्स के बोस्टन कॉलेज में गए। अनुपम को आईटी इंडस्ट्री का वर्क कल्चर कुछ खास नहीं लगा।

अनुपम ने बताया कि उनके द्वारा करीब कंपनियां को करीब 800 रिज्यूमे भेजे गए थे। हालांकि एक समय ऐसी स्थिति आ गई थी जब उनके पास बिल्कुल भी पैसे नहीं थे। और जब वो बताते थे कि उनके पास पैसे नहीं है तो पूछा जाता था की सैलरी कहां है। अनुपम ने बताया कि उसे समय मेरे पास बिल्कुल भी पैसे नहीं थे। तब ऐसा पहली बार हुआ था जब मैं भूख का एहसास किया था।

अनुपम ने बताया कि कभी-कभी उन्हें दो से तीन दिन तक बिना कुछ खाए रहना पड़ता था। अनुपम ने कहा कि ऐसा हर व्यक्ति को एक बार जरूर करना चाहिए क्योंकि जब भूख लगने का अनुभव आपको जिंदगी में कई सबक सिखाता है।

अनुपम ने बताया कि एक समय ऐसा था कि वह दो-तीन दिनों तक कुछ नहीं खाते थे क्योंकि खाना खाने के लिए भी उनके पास पैसे नहीं थे। उन्होंने कहा दोस्त कितने दिन तक मदद करेंगे। अनुपम ने कहा दोस्त को समय तक तो मदद करते हैं लेकिन उसके बाद आपको खुद भी बुरा लगने लगता है। क्रेडिट कार्ड की लिमिट भी खत्म हो चुकी थी और सब कुछ खत्म हो चुका था।

शार्क टैंक के जज ने बताया कि ऐसा नहीं था कि वह सड़क पर आ गए थे लेकिन उन्हें रिसोर्सेज की कमी जबरदस्त तरीके से महसूस हो रही थी।

इसके बाद उन्हें माइक्रो स्ट्रेटजी में जॉब मिली, जहां पर उन्हें स्टॉक ऑप्शंस मिले। अनुपम मित्तल ने बताया किमैंने सेल्स कंसलटेंट की जरा ज्वाइन किया था और जल्दी ही डायरेक्टर ऑफ स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप बन गया। तब तक अनुपम के पासबहुत सारे स्टॉक ऑप्शंस थे और वह मल्टी मिलेनियर बन चुके थे। उन्होंने कहा कि यह बहुत जबरदस्त था और उन्हें इसकी उम्मीद भी नहीं थी।

अनुपम मित्तल ने बताया कि फिर मैंने एक स्पोर्ट्स कार ऑर्डर की। इसके बाद हम स्टेडियम में पार्टी करने लगे और हमारी कॉरपोरेट पार्टी क्रूज शिप पर होती थीं। यह सब कुछ एकदम नेक्स्ट लेवल का था।

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