नई दिल्ली, अप्रैल 19। जीएचसीएल का शेयर निवेशकों के लिए लगातार मल्टीबैगर स्टॉक साबित हुआ है। इसने पिछले एक साल में ही 160 फीसदी की बढ़ोतरी हासिल की है। जानकारों का मानना है कि इस शेयर में आगे भी तेजी बरकरार रह सकती है। असल में सोडा ऐश उद्योग में डायनामिक्स, अंतर्निहित कीमतों में मजबूती और कंपनी की क्षमता विस्तार कंपनी के लिए पॉजिटिव साइन हैं। एक्सपर्ट ने शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग जारी की है।
आगे कितने मुनाफे की उम्मीद
ब्रोकरेज फर्म अरिहंत कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में शेयर का लक्ष्य 898 रुपये रहने का अनुमान लगाया है, जो बीएसई पर सोमवार के 592 रुपये के बंद स्तर से 51 प्रतिशत ऊपर है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कोई अन्य ब्रोकरेज स्टॉक को कवर नहीं करता है। ब्रोकरेज ने कहा कि गुजरात की कंपनी, जो सोडा ऐश की सबसे बड़ी सिंगल लोकेशन निर्माता है, को कीमत और वॉल्यूम ग्रोथ से फायदा होने की संभावना है।
कैसे होगा फायदा
अरिहंत कैपिटल के अनुसार वैश्विक और घरेलू सोडा ऐश बाजार में सप्लाई-डिमांड असंतुलन देखा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, लगभग 10 फीसदी आयात रूस, यूक्रेन और सीआईएस क्षेत्र द्वारा योगदान किया जाता है। यूक्रेन-रूस के बीच चल रहे संघर्ष के कारण घरेलू बाजार और सख्त हो गया है। यह कीमतों में वृद्धि के सपोर्ट से जीएचसीएल जैसे स्थानीय सोडा ऐश निर्माताओं को लाभान्वित करेगा। इससे शेयर में भी तेजी आएगी।
ब्राउनफील्ड विस्तार पूरा
कंपनी ने अपना ब्राउनफील्ड विस्तार पूरा कर लिया है, जो ब्रोकरेज फर्म के अनुसार सोडा ऐश सेगमेंट में वृद्धिशील वॉल्यूम को बढ़ावा देगा। इसके अतिरिक्त, कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 तक क्षमता विस्तार 5 लाख टन तक करने के लिए एक ग्रीनफील्ड परियोजना शुरू करेगी जिससे मध्यम अवधि में इसके ऑपरेटिंग लेवेरेज में सुधार होगा। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सेल्स रियलाइजेशन में सुधार और प्रति टन एबिटा बढ़ाने से ऑपरेशंस से हाई और स्थायी कैश फ्लो प्राप्त होगा।
बेच दिया टेक्सटाइल बिजनेस
जीएचसीएल ने इस महीने की शुरुआत में अपने होम टेक्सटाइल कारोबार का इंडो काउंट इंडस्ट्रीज को 608 करोड़ रुपये में विनिवेश पूरा किया। लेन-देन पूरा हो गया है और कैश इनकम को कंपनी के मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों में फिर से लगाया जाएगा। कंपनी की मार्केट कैप 5,479 करोड़ रुपये है, और पिछले हफ्ते इसने 52 सप्ताह के नए उच्चतम स्तर को छुआ है। लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग डेटा से पता चलता है कि मार्च तिमाही में म्यूचुअल फंड ने स्टॉक में अपनी हिस्सेदारी 15.11 फीसदी से बढ़ा कर 15.55 फीसदी कर दी, जबकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी 16.31 फीसदी से घटा कर 15.42 फीसदी कर दी।
ये हैं टॉप क्लाइट
जीएचसीएल के टॉप क्लाइंटों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, प्रॉक्टर एंड गैंबल, फेना, पतंजलि, हिंदुस्तान जिंक, पिरामल ग्लास और ज्योति लेबोरेटरीज जैसे दिग्गज शामिल हैं। इन ग्राहकों की मजबूत बैलेंस शीट जीएचसीएल को समय पर भुगतान प्राप्त करने और इसके वर्किंग कैपिटल साइकिल को सुविधाजनक बनाने में मदद करेगी। कंपनी को कच्चे माल की सुरक्षा और टिकाऊ मार्जिन से भी लाभ होगा क्योंकि इसके पास चूना पत्थर और लिग्नाइट (सोडा ऐश के निर्माण के लिए उपयोग किया जाने वाला कच्चा माल) और आंतरिक रूप से लगभग 30%-40% नमक के लिए कैप्टिव खदानें हैं।


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