Share Market Today: सुस्त शुरुआत के संकेत, GIFT Nifty के रुख से बाजार में सावधानी का माहौल
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में सावधानी भरा रुख देखने को मिल सकता है। GIFT Nifty के संकेतों से लग रहा है कि बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत सुस्त या मामूली बढ़त के साथ होगी। जहां ज्यादातर एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख है, वहीं ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। घरेलू बाजार में पिछले कुछ समय से जारी भारी उतार-चढ़ाव के बाद अब निवेशकों की नजरें शुरुआती कारोबार में ग्लोबल संकेतों पर टिकी हैं।
GIFT Nifty से मिल रहे शुरुआती संकेत पिछले बंद स्तर के मुकाबले बेहद मामूली बढ़त (प्रीमियम) दिखा रहे हैं। यह रुझान ग्लोबल ट्रेंड और घरेलू कंपनियों के नतीजों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश को दर्शाता है। आज सुबह टोक्यो और सियोल के बाजारों में हल्की तेजी दिखी, जबकि चीनी बाजारों में बिकवाली का दबाव नजर आया। बाजार खुलने से पहले की इस हलचल ने ट्रेडर्स को चौकन्ना कर दिया है।

Q4 नतीजों का दिखेगा असर, इन सेक्टर्स पर रहेगी नजर
दलाल स्ट्रीट पर इस हफ्ते सारा एक्शन कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजों (Q4 Results) के इर्द-गिर्द रहने वाला है। आज बैंकिंग और आईटी सेक्टर की कई दिग्गज कंपनियां अपने नतीजे पेश करने वाली हैं। इन रिपोर्ट्स का सीधा असर बाजार की दिशा और बड़े इंडेक्स पर पड़ेगा। जानकारों का मानना है कि हालिया अपडेट्स को देखते हुए नतीजे मिले-जुले रह सकते हैं। हालांकि, अगर नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे तो निफ्टी आज रेजिस्टेंस के नए स्तरों को छू सकता है।
बाजार की नजर आज विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियों पर भी रहेगी। हाल के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशक मौजूदा वैल्यूएशन को लेकर थोड़े सतर्क नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) बाजार को लगातार सपोर्ट दे रहे हैं। FIIs और DIIs के बीच की यह खींचतान सेंसेक्स और निफ्टी के लिए एक बेस तैयार करने में मदद कर रही है। ट्रेडिंग के पहले घंटे में लिक्विडिटी के चलते अचानक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
ग्लोबल संकेत और कच्चे तेल की स्थिरता का प्रभाव
ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बाद अब कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होती दिख रही हैं। ब्रेंट क्रूड फिलहाल उस दायरे में है जो भारतीय तेल कंपनियों के लिए राहत की बात है। ईंधन की कीमतों में स्थिरता से महंगाई की चिंता कम होती है, जिसका सीधा फायदा लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को मिलता है। निवेशकों के लिए कच्चे तेल का स्थिर होना भारतीय रुपये और अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिहाज से भी एक अच्छा संकेत है।
भारतीय रुपया फिलहाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। डॉलर की मजबूती दुनिया भर के उभरते बाजारों की करेंसी पर दबाव बना रही है, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) करेंसी के उतार-चढ़ाव पर पैनी नजर रखे हुए है। रुपये में स्थिरता रहने से विदेशी फंड्स का आकर्षण भारतीय बाजार में बना रहता है। इस पूरे हफ्ते ट्रेडर्स की नजर डॉलर इंडेक्स की चाल पर भी रहेगी।
टेक्निकल चार्ट्स पर नजर डालें तो निफ्टी 50 को ऊपरी स्तरों पर कड़े रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, निचले स्तरों पर सपोर्ट मजबूत है, जो बाजार को बड़ी गिरावट से बचा रहा है। इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए एक्सपर्ट्स इन खास लेवल्स को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति बना रहे हैं। फिलहाल बाजार में एक बड़े ब्रेकआउट से पहले कंसोलिडेशन का दौर दिख रहा है। नीचे दी गई टेबल से आप ग्लोबल मार्केट के ताजा हालात समझ सकते हैं:
| प्रमुख मार्केट इंडिकेटर | मौजूदा स्थिति | बाजार का सेंटिमेंट |
|---|---|---|
| GIFT Nifty का रुझान | सुस्त लेकिन सकारात्मक | सतर्क और न्यूट्रल |
| ब्रेंट क्रूड की कीमत | स्थिर दायरा | सकारात्मक नजरिया |
| एशियाई शेयर बाजार | मिला-जुला कारोबार | वेट एंड वॉच की स्थिति |
| Q4 नतीजों का असर | नतीजों की भरमार | भारी उतार-चढ़ाव |
आज बाजार की अंतिम दिशा काफी हद तक सुबह 9:15 बजे की ओपनिंग और शुरुआती वोलैटिलिटी पर निर्भर करेगी। घरेलू निवेशकों को उम्मीद है कि Q4 के नतीजे बाजार में तेजी का नया जोश भरेंगे। आज सेक्टर रोटेशन और मार्केट की चौड़ाई (Market Breadth) पर नजर रखना जरूरी होगा। तकनीकी डेटा संकेत दे रहा है कि गिरावट आने पर खरीदार निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग कर रहे हैं। बाजार में सफल ट्रेडिंग के लिए पल-पल के लाइव अपडेट्स के साथ जुड़े रहें।


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