
Share market Closing Update: आज शेयर मार्केट के लिए लागातार तीसरा गिरावट का दिन रहा। बीएसई सेंसेक्स 208 अंक यानी की 0.33 प्रतिशत गिरकर 62,626 पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी 58 अंक यानी की 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,643 के स्तर पर बंद हुआ।
आरबीआई के मॉनिटरी मिटिंग की वजह से जारी है गिरावट
बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ब्याज दरो पर फैसला लेनी वाली है। फैसले से पहले घबराहट ने निवेशकों को पैसे निकालने पर मजबुर किया। कारोबारी दिन खत्म होने तक बीएसई सेंसेक्स 208 अंक यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 62,626 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 58 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,643 पर बंद हुआ। बाजार में गिरावट की वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का संभावित कदम भी बताया जा रहा है। संभावना है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को बढ़ा सकता है।
रुपए में भी गिरावट
लगातार दूसरे दिन रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर रहा है। रुपया मंगलवार को 82 प्रति अमेरिकी डॉलर के निशान से नीचे कमजोर रही। इंट्रा-डे ट्रेड में रुपया लगभग 80 पैसे टूट गया और 82.64 रुपए प्रति डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया। भारतीय करेंसी सोमवार के 81.80 रुपये प्रति डॉलर के मुकाबले 82.62 के स्तप पर बंद हुआ।
जानिए कब हुई थी सेंसेक्स की शुरुआत
मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का एक सूचकांक सेंसेक्स है। यह एक मूल्य-भारित सूचकांक है। मुंबई शेयर बाजार के लिए इसे 1986 में तैयार किया गया था। तभी से यह न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया भर में इस महत्व पूर्ण सूचकांक समझा जाता है। सेंसेक्स में बीएसई की 30 कंपनियों को शामिल किया जाता है। पहले सेंसेक्स के अंकों की गणना मार्केट कैपिटलाइजेशन-वेटेज मेथाडोलाजी के आधार पर होती है, लेकिन अब फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन-वेटेज मेथाडोलाजी के आधार पर की जाती है। सेंसेक्स का आधारवर्ष 1978-79 है।
जानिए कब हुई थी निफ्टी की शुरुआत
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी है। निफ्टी में एनएसई की टॉप 50 कंपनियों को शामिल कर सूचकांक का स्तर पर तय किया जाता है। निफ्टी सूचकांक निफ्टी दो शब्दों को मिला कर बनाया गया है। यह हैं नेशनल और फिफ्टी। निफ्टी का आधार वर्ष 1995 है। निफ्टी-50 में एनएसई की टॉप् 50 कंपनियों को फ्री फ्लोट मार्केट कैप के आंकड़ों के आधार पर सिलेक्ट किया जाता है।


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