नई दिल्ली, जुलाई 02। शेयर बाजार काफी समय गिर रहा है। पर यदि हम इतिहास को देखें तो पता चलता है कि जुलाई शेयर बाजार के लिए काफी बेहतर होता है। इस महीने में सेंसेक्स ठोस रिटर्न दे सकता है। मगर क्या इस बार भी ऐसा होगा? यह एक अहम सवाल है। कॉरपोरेट डेटाबेस ऐसइक्विटी के डेटा के मुताबिक पिछले 15 वर्षों में कम से कम छह ऐसे साल रहे हैं, जब बीएसई सेंसेक्स में जुलाई में 5 प्रतिशत से अधिक ती बढ़ोतरी देखी गयी। वहीं इसने नौ बार 1 फीसदी से अधिक रिटर्न दिया। कुल 11 मामलों में सकारात्मक रिटर्न रहा।
नहीं आयी बड़ी गिरावट
ऐसा कोई साल नहीं रहा जब जुलाई में सेंसेक्स में 5 फीसदी से अधिक की गिरावट देखी गई। इस बात का खुलासा 15 साल के आंकड़ों से होता है। इस महीने के लिए अधिकतम गिरावट 2019 में देखी गई, जब सेंसेक्स जुलाई में 4.86 प्रतिशत गिर गया। जुलाई 2009 में इसमें 8.12 प्रतिशत की सर्वाधिक तेजी आई थी। आगे जानिए इस महीने शेयर बाजार के लिए कौन से फैक्टर अहम रह सकते हैं।
इन चीजों का पड़ेगा असर
इस महीने निवेशकों के धैर्य का टेस्ट किया जाएगा। कंपनियां जून तिमाही के परिणामों का खुलासा करना शुरू करेंगी, जिन पर मुद्रास्फीति में वृद्धि का पूरा प्रभाव देखा जा सकता है। इसी महीने में अमेरिकी फेड नीति की समीक्षा भी होगी, जहां अमेरिकी केंद्रीय बैंक को धीमी अर्थव्यवस्था का समर्थन करने की तुलना में मुद्रास्फीति के उपायों को अधिक महत्व देने की उम्मीद है। देश में भी मॉनसून की प्रगति पर नजर रहेगी।
बीते 2 जुलाई कैसे रहे
2021 में बीएसई सेंसेक्स जुलाई में 0.20 फीसदी चढ़ा था, जबकि 2020 में, यह 7.71 प्रतिशत उछला था। उससे पहले 2018 में सेंसेक्स 6.16 प्रतिशत चढ़ गया था। आईआईएफएल सिक्योरिटीज की नयी रिपोर्ट के अनुसार बाजार हाल ही में किसी डायरेक्शन को ढूंढने के लिए संघर्ष कर रहा है, जो कि कैश मार्केट में घटती मात्रा से भी दिख रहा है। बता दें कि एनएसई और बीएसई में कुल कैश कारोबार जून में 23 प्रतिशत की गिरावट आई।
क्या करें निवेशक
शेयर बाजार जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए सावधानी के साथ निवेश करना चाहिए। आपको पहले से यह तय करने की आवश्यकता होती है कि आप कितनी पूंजी पर जोखिम के लिए तैयार हैं। हर शेयर में निश्चित समय देना चाहिए ताकि जोखिम कम रहे। कुछ महीनों के हिसाब से निवेश करें। जल्दबाजी न करें। जल्दबाजी से आपको नुकसान हो सकता है। जितना अधिक आप समय देंगे, उतना अधिक आप मुनाफा कमाएंगे। अपने सारे फंड को कभी भी एक स्टॉक में न लगाएं, बल्कि अपने फंड में विविधता लाएं। इसके अलावा साल या तिमाही में एक बार तुलनात्मक रूप से बड़ा निवेश करना और फिर छोटे शेयरों, इक्विटी और आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक पेशकश) में छोटे फंड का निवेश करना बेहतर है। शुरुआती लोगों के लिए ट्रेडिंग करना बेहतर नहीं है। बल्कि निवेश करें। ट्रेडिंग एक दिन के लिए होती है। इसमें जोखिम अधिक होता है। जबकि निवेश लंबे समय के लिए होता है। इसमें आप शेयर अपने पास रखते हैं। इसलिए निवेश करें और ट्रेडिंग से बचें।
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