शुक्रवार, 25 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में एक दिन की भारी गिरावट के बाद खरीदारी लौटती नजर आई। गुरुवार को सेंसेक्स 1,247 अंक से ज्यादा टूटकर 73,580 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 383 अंक गिरकर 23,063 पर आ गया था। यह गिरावट करीब 10 हफ्तों में बाजार की सबसे बड़ी एक-दिनी गिरावट थी। ऐसे में शुक्रवार को बाजार के निचले स्तरों पर खरीदारी देखने को मिली और सेंसेक्स-निफ्टी ने शुरुआती कमजोरी से वापसी की।

शुक्रवार के कारोबार में सेंसेक्स शुरुआत में करीब 103 अंक तक फिसलकर 73,477 के निचले स्तर पर पहुंचा, लेकिन इसके बाद इसमें तेजी आई। सेंसेक्स दिन में 220 अंक से ज्यादा चढ़कर 73,800 के ऊपर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 23,030 के निचले स्तर से रिकवर हुआ और 23,121 के हाई तक पहुंचा। बाद में बाजार की बढ़त और मजबूत हुई और सेंसेक्स 315 अंक ऊपर 73,895.74 पर, जबकि निफ्टी 77 अंक की बढ़त के साथ 23,140.50 पर बंद हुआ।
तेल की कीमतों में गिरावट से राहत-
बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड करीब 1.25 प्रतिशत गिरकर 105.2 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। हाल के दिनों में तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ाई थी। ऐसे में कच्चे तेल में नरमी से बाजार को कुछ राहत मिली।
गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग-
गुरुवार की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को निचले स्तरों पर खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों ने उन शेयरों में खरीदारी की, जिनमें पिछली गिरावट के दौरान तेज कमजोरी आई थी। हालांकि, बाजार पर ऊंचे तेल भाव और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड का दबाव अभी भी एक अहम जोखिम बना हुआ है।
रुपये में भी सुधार-
डॉलर के मुकाबले रुपये में भी शुक्रवार को मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 95.85 प्रति डॉलर तक पहुंचा, जबकि गुरुवार को यह 95.99 पर बंद हुआ था। हालांकि, ऊंचे कच्चे तेल के भाव, डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेड के सख्त रुख के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है।
India VIX में गिरावट-
बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला India VIX भी करीब 3 प्रतिशत गिरकर 12.32 पर आ गया। एक दिन पहले इसमें 23 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी हुई थी। VIX में गिरावट से संकेत मिलता है कि बाजार में निकट अवधि की अस्थिरता को लेकर चिंता कुछ कम हुई। कुल मिलाकर, शुक्रवार की तेजी में निचले स्तरों पर खरीदारी, कच्चे तेल में नरमी, रुपये की मजबूती और India VIX में गिरावट का योगदान रहा।
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