Share Market Prediction: शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन कमजोरी दर्ज की गई. बाजार के प्रमुख इंडेक्स शुक्रवार को लगातार 8वें दिन टूटे. यह 2 साल में पहला मौका है, जब बाजार में इतनी लंबी गिरावट देखने को मिली है. वहीं, जून 2024 के बाद पहली बार BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी 400 लाख करोड़ रुपए के नीचे आ गया. बाजार (Share Market ) पर दबाव बनाने का काम कमजोर Q3 अर्निंग समेत ग्लोबल फैक्टर्स हैं. यही वजह है कि सेंसेक्स 75900 और 22900 के लेवल पर फिसल गए हैं.
बाजार में लगातार 8वें दिन बिकवाली
भारतीय शेयर मार्केट में 14 फरवरी को लगातार 8वें दिन गिरावट देखने को मिला. सेंसेक्स 199 अंक गिरकर 75939 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 102 अंक फिसलकर 22929 पर आ गया. बाजार में सभी 13 सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में क्लोज हुए. ब्रॉडर मार्केट में ज्यादा तेज करेक्शन दर्ज किया गया. मिड और स्मॉलकैप इंडेक्स 3% से ज्यादा टूटे. NSE पर 2931 शेयरों में कारोबार हुआ, जिसमें 2412 शेयर लाल निशान में बंद हुए.
बाजार पर दबाव बनाने वाले फैक्टर्स
घरेलू मार्केट पर दबाव बनाने वाले कई फैक्टर्स हैं. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और कमजोर दिसंबर तिमाही (Q3 Results) के नतीजों का असर दिख रहा. जबकि रूस-यूक्रेन में टेंशन कम होने की खबर जैसे पॉजिटिव ट्रिगर से सुबह मजबूत शुरुआत हुई थी. इसके अलावा अमेरिकी टैरिफ (Trade War) लागू होने की तारीख अप्रैल तक आगे खिसक गया है. बाजार के लिए अच्छी खबरों में पॉजिटिव यूएस प्रोड्युसर डाटा, ट्रंप और मोदी के बीच टैरिफ वार्ता की उम्मीद शामिल रहा.
वेंचुरा सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर ने कहा कि मोदी और ट्रंप मीटिंग को लेकर कई उम्मीदों के बीच मार्केट आज सुबह पॉजिटिव शुरू हुआ. लेकिन उसके बाद ट्रेड वॉर की टेंशन बाजार पर हावी हो गया. दिसंबर तिमाही के नतीजों से भी स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन दिखा. सेनको गोल्ड करीब 17% फिसला, जिस पर कमजोर नतीजों का असर दिखा. वहीं, हिंडाल्को में 2% की उछाल दर्ज की गई. जबकि अंतिम दिन हेक्सावेयर टेक का पब्लिक इश्यू पूरा भी नहीं भरा.

अमेरिकी टैरिफ के लागू होने में देरी की खबर से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही. उन्होंने कहा कि ब्रॉडर मार्केट में सेंटीमेंट अभी भी सतर्कता वाला है. प्रॉफिटबुकिंग के चलते इस हफ्ते निफ्टी और सेंसेक्स ने हायर लेवल पर रेसिस्टेंस फेस किया. ग्लोबल मैक्रो अनिश्चितताएं और मिलेजुले अर्निंग्स से निवेशक सतर्क रहे.
हफ्तेभर में सेक्टर और स्टॉक्स परफॉर्मेंस
कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान ने कहा कि निफ्टी और सेंसेक्स बीते हफ्तेभर में 3-3% फिसल गए हैं. मिडकैप इंडेक्स 8.5% और स्मॉलकैप इंडेक्स 10.5% तक फिसल गया है. ब्रॉडर मार्केट में तेज करेक्शन देखने को मिला, जिसमें मिड और स्मॉलकैप ने लार्जकैप को अंडरपरफॉर्म किया.
उन्होंने बताया कि मार्केट का लगातार फोकस डाउनसाइड रिस्क पर है. इसमें अमेरिका का भारत पर टैरिफ. अनिश्चित घरेलू ग्रोथ और दिसंबर तिमाही में मैनेजमेंट की टैपिड कमेंट्री शामिल है. इस हफ्ते में सेक्टोरल परफॉर्मेंस पर नजर डालें तो कैपिटल गुड्स (-6.3%), ऑटो (-6.7%), रियल्टी (-10%), मेटल (-4.9%) और पावर (-7.3%) जैसे सेक्टर्स में तेज करेक्शन देखने को मिला, जबकि अन्य में 2-5% तक फिसले.
निफ्टी में शामिल शेयरों में हफ्ते के दौरान भारती एयरटेल (+2.3%), ब्रिटानिया (+1.4%) और बजाज फिनसर्व (+2.2%) की बढ़त के साथ टॉप गेनर रहे, जबकि आयशर मोटर्स (-12.3%), हीरो मोटोकॉर्प (-9.6%) और BEL (-9.4%) टॉप लूजर्स रहे. 5 कारोबारी सेशन के दौरान FPI नेट सेलर्स, जबकि DIIs नेट बायर्स रहे.
मार्केट कैप 9 महीने के निचले स्तर पर
BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट तेजी से घटा है. क्योंकि इक्विटी मार्केट में लगातार बिकवाली जारी है. यह 14 फरवरी को बाजार बंद होने के बाद 400.08 लाख करोड़ रुपए रहा, जोकि कारोबारी सेशन में इस लेवल से नीचे फिसल गया था. यह जून 2024 के बाद पहला मौका रहा जब मार्केट कैप 400 लाख करोड़ रुपए के नीचे आया. विनीत बोलिंजकर ने कहा कि अगले हफ्ते बाजार के लिए ग्लोबल ट्रेड डेवलपमेंट, अर्निंग आउटकम और सेक्टोलर मोनेंटम अहम होगा. ऐसे में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव के बीच फंडामेंटली मजबूत बिजनेस पर फोकस करने का बात कही है.


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