नई दिल्ली, जून 18। केवल खुदरा निवेशक ही नहीं बल्कि शेयर बाजार में चल रहे गिरावट के दौर में भारत के कुछ करोड़पति निवेशक भी डूबे हैं, जो एआईएफ या एल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट फंड पर निर्भर हैं। ऐसे अमीर निवेशकों की संपत्ति में 16 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। ये गिरावट अकेले मई महीने की है। पीएमएसबाजार के डेटा के अनुसार 420 करोड़ रुपये का क्लोज-एंडेड मालाबार वैल्यू फंड सबसे ज्यादा नुकवाल वाला एआईएफ रहा और मई में इसकी संपत्ति में 15.76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। एबेक्कस एसेट मैनेजर्स इमर्जिंग अपॉर्चुनिटीज फंड-1 ने भी मासिक 10.9 प्रतिशत नकारात्मक रिटर्न दर्ज किया। निप्पॉन इंडिया, एइक्विटास इक्विटी फंड, सेजोन और कीमिया द्वारा प्रबंधित फंड भी मासिक चार्ट पर टॉप नुकसान वालों में से रहे।
किसी को नहीं हुआ फायदा
'लॉन्ग ओनली' कैटेगरी का कोई भी एआईएफ फंड सकारात्मक रिटर्न हासिल करने में कामयाब नहीं हुआ। मई में हेडलाइन इंडेक्स निफ्टी 50 में 3.03 फीसदी की गिरावट आई, जबकि व्यापक बाजार में बिकवाली तेज रही। इस दौरान निफ्टी मिडकैप 100 में 5.33 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 10.2 फीसदी की गिरावट आई। तब से, सूचकांक 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
क्या हैं एआईएफ
म्यूचुअल फंड और यहां तक कि पीएमएस (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) के विपरीत, कैटेगरी-III एआईएफ को हाई-रिवार्ड और हाई-जोखिम वाले दांव में कम से कम 1 करोड़ रुपये का निवेश करने के इच्छुक निवेशकों के लिए कॉम्प्लेक्स ट्रेडिंग स्ट्रेटेजीस को नियोजित करने की अनुमति है। सेबी के नियम एआईएफ को लिस्टेड या नॉन-लिस्टेड डेरिवेटिव में निवेश के माध्यम से लाभ उठाने की अनुमति देते हैं।
कुछ फंड रहे पॉजिटिव
मई के महीने के दौरान, एआईएफ योजनाओं ने एक लॉन्ग शॉर्ट स्ट्रेटेजी अपनाई, हालांकि, कुछ ने सकारात्मक रिटर्न के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। आईटीआई लॉन्ग शॉर्ट इक्विटी फंड इनमें टॉप प्रदर्शन करने वाला रहा। टाटा के स्थिर एआईएफ फंड, अल्टाकुरा एआई एब्सोल्यूट रिटर्न फंड, वशिष्ठ कैपिटल, एवेंडस और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल भी मई के अंत में ग्रोथ हासिल करने में कामयाब रहे।
1 साल में फायदा
पिछले एक साल के रिटर्न पर नजर डालें तो करोड़पति निवेशक इंडेक्स को मात देने में कामयाब रहे हैं। पिछले एक साल में निफ्टी में करीब 2.5 फीसदी की गिरावट आई है, वहीं एइक्विटास इक्विटी फंड के टॉप स्कोरर के साथ एआईएफ फंडों ने 46 फीसदी तक का प्रभावशाली रिटर्न हासिल किया है।
और भी हैं तेजी वाले फंड
अन्य उछाल वाले फंडों में रोहा इमर्जिंग कंपनीज फंड, अल्केमी कैपिटल के लीडर्स ऑफ टुमॉरो और फर्स्ट वाटर कैपिटल फंड शामिल हैं, जिनका रिटर्न 21-29 फीसदी के बीच है।


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