Stock Market Hits Record High: शेयर बाजार में आज 12 सितंबर को तूफानी तेजी दर्ज की जा रही. बाजार के प्रमुख इंडेक्स रिकॉर्ड हाई पर ट्रेड कर रहा हैं. पहली बार सेंसेक्स 83000 और निफ्टी 25400 के पार पहुंच गया है. बाजार में चौतरफा खरीदारी हो रही है. मार्केट में आखिरी घंटे में खरीदारी से बाजार में जोश है. इसके चलते निफ्टी 50 में करीब 2 फीसदी की उछाल आई. निफ्टी ने 25,433 और सेंसेक्स ने 83,116 का ऑल टाइम हाई टच किया.
शेयर बाजार में क्यों है तेजी?
निफ्टी में भारती एयरटेल, हिंडाल्को और NTPC के शेयर 4-4 फीसदी की तेजी दर्ज की जा रही है. श्रीराम फाइनेंस और M&M भी 3-3 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर है. बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी मेटल, ऑटो, IT और बैंकिंग सेक्टर में हो रही है.
एनलिस्ट्स का मानना है कि बाजार खुलने के बाद से ही हरे निशान में रहा है, क्योंकि अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद भारतीय इक्विटी मार्केट में विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद है. दरअसल, महंगाई दरें घटने से फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती कर सकती है.

बाजारों में सभी प्रमुख इंडेक्स चढ़े
बाजार में सभी 13 प्रमुख सेक्टरों में बढ़त दर्ज की जा रही. इसमें निफ्टी इंफ्रा, निफ्टी ऑटो और निफ्टी एनर्जी में करीब 1.5 फीसदी तक की बढ़त दर्ज है. अमेरिकी बाजार में महत्वपूर्ण राजस्व निवेश वाली IT कंपनियों में एक फीसदी से ज्यादा का उछाल है.
विदेशी निवेशकों की खरीदारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) भारतीय बाजार के मजबूत प्रदर्शन में अहम भूमिका निभा रहे हैं. सितंबर में अब तक घरेलू शेयर बाजारों में लगभग 17,016 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था में भरोसे को दर्शाता है. बता दें कि जून से FPIs लगातार शेयर खरीद रहे हैं, जिससे अप्रैल-मई में उनकी 34,252 करोड़ रुपए की निकासी रफ़्तार पर असर पड़ा है, जिससे बाजार की धारणा मजबूत हुई है.
डॉलर इंडेक्स में करेक्शन
दुनिया की 6 प्रमुख करेंसी के मुकाबले डॉलर की चाल को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 102 के स्तर से नीचे आ गया है, जोकि 101.72 के आसपास है. डॉलर का यह कमजोर होना भारतीय और एशियाई इक्विटी बाजारों के लिए पॉजिटिव है, क्योंकि यह इमर्जिंग मार्केट की एसेट्स को विदेशी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाता है.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
चीन की कमजोर मांग और ग्लोबल लेवल पर ज्यादा सप्लाई की चिंताओं की वजह से सितंबर में तेल की कीमतों में 10% से अधिक की गिरावट आई है. आज के कारोबार में मामूली सुधार के बावजूद नवंबर के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.4% बढ़कर 71.61 डॉलर प्रति बैरल और अक्टूबर के लिए अमेरिकी क्रूड फ्यूचर्स 1.4% बढ़कर 68.23 डॉलर प्रति बैरल हो गया.


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