शेयर बाजार में वीकली एक्सपायरी के दिन तेज बिकवाली दर्ज की जा रही. प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड कर रहे. मार्केट के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में 1-1% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही. बैंक निफ्टी, मिड और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी तेज करेक्शन देखने को मिल रहा है. बाजार में जारी बिकवाली में ऑटो सेक्टर फोकस में है, क्योंकि ऑटो स्टॉक्स को छोड़ सभी शेयरों में तेज करेक्शन है. एनलिस्ट्स मान रहे हैं कि निवेशक लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले नए निवेश से बच रहे. निवेशकों की सतर्क स्ट्रैटेजी के चलते बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिल रही.
शेयर बाजार में भारी करेक्शन
BSE सेंसेक्स 800 से ज्यादा की गिरावट के साथ दिन के सबसे निचले स्तर पर फिसल गया. इंट्राडे में इंडेक्स 72600 के लेवल पर आ गया है. निफ्टी भी 250 अंकों से ज्यादा टूट गई है, जिसकी वजह से इंडेक्स 22000 के लेवल पर आ गया है. बैंक निफ्टी भी टूटकर 47600 के स्तर पर फिसल गया है. मिड और स्मॉल कैप इंडेक्स भी 1-2% टूट गए हैं. सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो FMCG और मेटल इंडेक्स सबसे ज्यादा 2-2 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं. जबकि ऑटो इंडेक्स सवा फीसदी की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है.

किन शेयरों में तेजी-बिकवाली?
शेयर बाजार में तेज बिकवाली के बीच ऑटो शेयर जोश दिखा रहे. निफ्टी के 50 शेयरों में सबसे ज्यादा मजबूती हीरो मोटोकॉर्प करीब 4% उछल गया है. टाटा मोटर्स भी सवा दो फीसदी की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहा. M&M, HCL Tech और इंफोसिस के शेयरों में भी 1 फीसदी से ज्यादा की मजबूती है. वहीं, मार्च तिमाही के नतीजों के बाद L&T में तेज बिकवाली है, जोकि 6% टूट गया है. कोल इंडिया, डिविज लैब, ITC और ONGC के शेयरों में भी 3-4% की नरमी है.
तेज करेक्शन में डूबे लाखों करोड़
शेयर बाजार में 9 मई की तेज बिकवाली में निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है. एक्सचेंज आंकड़ों के मुताबिक केवल गुरुवार की बिकवाली में निवेशकों को करीब 5 लाख करोड़ रुपए का घाटा हुआ है. क्योंकि BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 395.64 लाख करोड़ रुपए पर आ गया है, जोकि 8 मई को बाजार बंद होने के बाद 400.69 लाख करोड़ रुपए था. बता दें कि आज 3840 शेयरों में कारोबार हो रहा, जिसमें से 2702 शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे हैं. इसमें 298 शेयरों में लोअर सर्किट लग गया है.
शेयर बाजार में क्यों आई बिकवाली?
- विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी है. कैश मार्केट में बुधवार को लगातार 5वें दिन बिकवाली की.
- डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी जारी है. भारतीय करेंसी की कमजोरी का असर शेयर बाजार पर भी पड़ रहा.
- निवेशकों का बाजार में सतर्क स्ट्रैटेजी है, जोकि लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल का इंतजार कर रहे.
- Q4 में कंपनियों का मिलाजुला प्रदर्शन बाजार को नहीं भा रहा है.
- हैवीवेट स्टॉक्स में बिकवाली से बाजार पर दबाव बन रहा है.


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