Share Bazar Crash Reason: भारतीय शेयर बाजार में आज 6 सितंबर को तेज करेक्शन देखे को मिल रहा है. कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख इंडेक्स 1-1 फीसदी से ज्यादा टूट गए हैं. बाजार में शुरुआती गिरावट के चलते निवेशकों को करीब 4.5 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया. दरअसल, इनवेस्टर्स अमेरिका में आज जारी होने वाले जॉब डेटा को लेकर चिंतित हैं. क्योंकि इन्हीं आंकड़ों के चलते अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बदलाव करेगा. नतीजतन, सभी सेक्टर्स में तेज बिकवाली दर्ज की जा रही है.
घरेलू बाजार में सुबह सवा 11 बजे के आसपास BSE सेंसेक्स 913 अंक या 1.12% गिरकर 81,283.16 पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 277 अंक या 1.1% गिरकर 24,868.10 पर आ गया. इस दौरान BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप 4.46 लाख करोड़ रुपए घटकर 461.22 लाख करोड़ रुपए पर आ गया.
इन सेक्टर्स में तेज करेक्शन
निफ्टी PSU बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स दोनों में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई. ऑटो, बैंक, मीडिया, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे दूसरे सेक्टर में भी 1% से ज़्यादा की गिरावट देखी गई. ब्रॉडर मार्केट में स्मॉल-कैप में 0.9% की गिरावट आई और मिड-कैप में 1.3% की गिरावट आई. वहीं, सेंसेक्स में शामिल शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज, SBI, ICICI बैंक, L&T, इंफोसिस, ITC, HCL टेक और HDFC बैंक में बिकवाली से दबाव बन रहा.
अमेरिकी जॉब डेटा का असर
आज देर शाम आने वाली अमेरिकी नॉन-एग्री पेरोल रिपोर्ट से पहले निवेशकों की घबराहट बढ़ गई है. फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने हाल ही में कहा था कि पॉलिसी मेटर्स लेबर मार्केट में और अधिक कमजोरी के पक्ष में नहीं हैं. एनलिस्ट्स को 165,000 नई नौकरियों में इजाफा और बेरोजगारी दर में 4.2% की कमी की उम्मीद है.
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि अगर अगस्त में नौकरियों के आंकड़े उम्मीदों से कम रहे. साथ ही बेरोजगारी पूर्वानुमान से अधिक बढ़ी, तो फेड 50 bps की कटौती कर सकता है. उन्होंने कहा कि बाजार में नियर टर्म का ट्रेंड अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों से प्रभावित होगा. क्योंकि अगर अगस्त में नौकरियों के आंकड़े उम्मीद से कम आते हैं और बेरोजगारी उम्मीद से अधिक बढ़ जाती है, तो फेड दरों में काफी कटौती कर सकता है.

बैंकिंग स्टॉक में गिरावट
आज बाजार बंद होने के बाद आने वाले डिपॉजिट्स और एडवांसेज आंकड़ों से पहले फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट की वजह से भी भारतीय इक्विटी इंडेक्स भी गिर गए. हाल ही में RBI के आंकड़ों से पता चला है कि जून 2024 की तिमाही में जमा राशि में 11.7% की ग्रोथ हुई, जबकि बैंक लोन में 15% की ग्रोथ हुई, जिसमें लिक्विडिटी की चिंताएं बढ़ा दी है.
ग्लोबल मार्केट में मिलाजुला एक्शन
MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.2% की बढ़त हुई, जो इस हफ्ते अब तक 2.3% गिरा है. जापान के निक्केई में 0.1% की गिरावट आई है, जोकि हफ्ते में 3.9% नीचे गिर चुका है. चीन के शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख रहा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग आज बंद हैं. घबराये हुए बाजार का असर नैस्डैक फ्यूचर्स पर पड़ा, जिसमें 0.6% की गिरावट आई है, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स में 0.3% की गिरावट आई है.
संस्थागत निवेशक और क्रूड ऑयल
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 5 सितंबर को नेट बिकवाली की और कैश मार्केट में 688 करोड़ रुपए के शेयरों की बिकवाली है. वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने उसी दिन 2,970 करोड़ रुपए के शेयरों की खरीदारी की. वहीं, ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें स्थिर हैं. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स एक सेंट बढ़कर 72.7 डॉलर प्रति बैरल हो गया.
भारतीय रुपया बनाम अमेरिकी डॉलर
अमेरिका में प्राइवेट सेक्टर के वेतन के निराशाजनक आंकड़ों के बाद शुक्रवार को भारतीय रुपया मजबूत हुआ, जिससे कमजोर रोजगार रिपोर्ट की उम्मीदें बढ़ गईं हैं. ट्रेडर्स ने अमेरिकी डॉलर से दूरी बना ली. सुबह 9:30 बजे रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 83.9350 पर था, जो पिछले सेशन के स्तर 83.9825 से ऊपर था.


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