Share Market Crash: कच्चे तेल की आग में जल रहा बाज़ार, रिकवरी की हर कोशिश नाकाम; अब क्या करें निवेशक?

Share Market में गिरावट का दबाव लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार, 22 अक्टूबर को महंगे कच्चे तेल और कमजोर बाजार संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत पर असर पड़ने की चिंता गहरा गई। बाजार में रिकवरी की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली के कारण तेजी टिक नहीं पा रही है।

Share Market Crash

पृथ्वी फिनमार्ट के हरीश जुजारे के मुताबिक, बाजार का मौजूदा रुझान कमजोर है और हर रिकवरी पर बिकवाली देखने को मिल रही है। निफ्टी के लिए 22,500 से 22,550 का दायरा अहम सपोर्ट है, जबकि 22,750 से 22,800 के स्तर पर रेजिस्टेंस है। अगर निफ्टी 22,500 के आसपास का सपोर्ट नहीं बचा पाता, तो गिरावट का दबाव और बढ़ सकता है। बैंक निफ्टी के लिए 54,500 से 54,600 का स्तर अहम है। इसके ऊपर 54,800 से 55,000 के दायरे में रेजिस्टेंस है। बाजार में फिलहाल तेजी की पुष्टि के लिए इन स्तरों के ऊपर मजबूती जरूरी होगी।

मिड और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा दबाव-

गिरावट का सबसे ज्यादा असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दिखाई दे रहा है। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर के इंडेक्स में 1.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। ऑटो, केमिकल, मेटल और तेल-गैस शेयरों में भी बिकवाली रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी और एचडीएफसी बैंक जैसे शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला।

हालांकि, कुछ शेयरों में नतीजों और कंपनी प्रबंधन की टिप्पणियों के दम पर मजबूती भी दिखाई दी। इंडियन होटल्स के शेयर में करीब 4 फीसदी की तेजी आई। वहीं, कमजोर नतीजों के बाद केईआई इंडस्ट्रीज में 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही। मजगांव डॉक भी करीब 4 फीसदी फिसला, जबकि एमएंडएम फाइनेंशियल में लगभग 6 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई।

निवेशक अब क्या करें?

हरीश जुजारे के मुताबिक, मौजूदा बाजार में निवेशकों को घबराकर फैसले लेने से बचना चाहिए। हर गिरावट को खरीदारी का मौका मानना भी सही रणनीति नहीं है। निवेशकों को अपने पास कुछ नकदी बनाए रखनी चाहिए और बाजार में स्थिरता आने का इंतजार करना चाहिए। बाजार की दिशा स्पष्ट होने तक जोखिम को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण है।

फिलहाल कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक तनाव और महंगाई से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रखना जरूरी है। जब तक बाजार में मजबूत रिकवरी के संकेत नहीं मिलते, तब तक तेजी के पीछे भागने के बजाय सोच-समझकर कदम उठाना बेहतर होगा।

[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+