शेयर बाजार में सोमवार यानी 3 जून का दिन ऐतिहासिक रहा. दमदार घरेलू संकेतों के चलते बाजार में अब तक के सारे रिकॉर्ड टूट गए. पहली बार सेंसेक्स 76,700 और निफ्टी 23300 का लेवल पार किया. एग्जिट पोल में NDA को बहुमत से बाजार में जोश है. साथ ही GST कलेक्शन, फिस्कल डेफिसिट समेत अन्य ट्रिगर्स भी बाजारों में जोश भर रहे. बाजार की तेजी में शुरुआती कारोबार के दौरान ही निवेशकों करीब 12 लाख करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ है.
शेयर बाजार में टूटे रिकॉर्ड्स
शेयर बाजार में आज जोरदार तेजी दर्ज की जा रही. बाजार के प्रमुख इंडेक्स करीब 2-3% की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहे. अडानी ग्रुप और सरकारी शेयरों में जोरदार खरीदारी हो रही. निफ्टी में अडानी पोर्ट्स का शेयर 9% की मजबूती के साथ टॉप गेनर है. अडानी एंटरप्राइजेज भी 6% ऊपर है. इसके अलावा BEL, HAL, REC, PFC, IRFC समेत अन्य PSU स्टॉक्स चमके हैं. इसके चलते सेंसेक्स करीब 1900 अंकों की मजबूती के साथ 75,800 के लेवल पर पहुंच गया है, जोकि इंट्राडे में 76700 के पार पहुंचा.
चंद मिनटों में निवेशकों को बंपर मुनाफा
शेयर बाजार की रिकॉर्डतोड़ तेजी में निवेशकों को बंपर मुनाफा हुआ है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप शुरुआती कारोबार में 424 लाख करोड़ रुपए के पास पहुंच गया, जबकि शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद 412.12 लाख करोड़ रुपए था. इस लिहाज से निवेशकों को करीब 12 लाख करोड़ रुपए का प्रॉफिट बाजार खुलने के चंद मिनटों में ही हो गया.
शेयर बाजार में आज क्यों है तेजी?
शेयर बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह मजबूत घरेलू संकेत हैं. क्योंकि 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में स्थिर सरकार बन रही है. एग्जिट पोल के मुताबिक NDA को बहुमत मिल रहा है. इससे बाजार खुश है, क्योंकि मौजूदा सरकार में इंफ्रा समेत अन्य सेक्टर पर फोकस जारी रहेगा. इसके अलावा मैक्रो इकोनॉमी के अच्छे आंकड़े भी बाजार को सपोर्ट कर रहे.
बीते हफ्ते आर्थिक मोर्चे पर दोहरी खुशखबरी मिली. Q4 GDP ग्रोथ 6.2 परसेंट से बढ़कर 7.8% हुई. FY24 में ग्रोथ रेट 8.2 परसेंट रही. इसके अलावा बीते वित्त वर्ष का वित्तीय घाटा भी अनुमान से कम 5.6 परसेंट ही रहा. साथ ही टैक्स कलेक्शन में भी मई के दौरान दमदार ग्रोथ जारी रही. मई का GST कलेक्शन 10 फीसदी बढ़कर 1.73 लाख करोड़ रुपए रहा.

विदेशी निवेशकों की जून में लौटी खरीदारी
मई में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने जमकर बिकवाली की. लेकिन जून की पहली तारीख को खरीदारी की. इससे बाजार में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल रही. 1 जून को FIIs ने कैश मार्केट में 1613 करोड़ रुपए के शेयर खरीदें थे. DIIs ने भी 2114 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे थे. इससे पहले FIIs ने मई में करीब 30,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयरों की बिकवाली की थी.
अच्छे ग्लोबल संकेतों से भी बाजार को सपोर्ट
भारतीय शेयर बाजारों को अच्छे ग्लोबल संकेतों का भी सपोर्ट मिल रहा है. क्योंकि अमेरिकी शेयर बाजारों में शुक्रवार को डाओ 1.5% की मजबूती के साथ बंद हुआ. S&P 500 भी करीब एक फीसदी चढ़ा. हालांकि, नैस्डैक सपाट बंद हुआ. बता दें कि मई में डाओ 2.3%, S&P 500 4.8% और नैस्डेक 6.9% उछले. अमेरिका के मैक्रो इकोनॉमिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पर्सनल कंजप्शन एक्सपेंडिचर अनुमान मुताबिक 2.7% पर रहा. वहीं, कोर PCE अनुमान मुताबिक 0.2% पर रहा. नतीजतन, 10-ईयर की बाॉन्ड यील्ड फिसलकर 4.5% के नीचे आ गई.
कमोडिटी मार्केट में नरमी से सपोर्ट
ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में नरमी से भी घरेलू मार्केट को सपोर्ट मिल रहा. क्योंकि कच्चे तेल और बुलियन्स में गिरावट दर्ज की जा रही. इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 81 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया, जोकि 4 महीने के सबसे निचले स्तर पर फिसल गया है. तेल उत्पादक समूह ओपेक+ ने उत्पादन कटौती की मियाद बढ़ा दी है. वहीं, शुक्रवार को सोने चांदी में भी भारी गिरावट दर्ज की गई. बेस मेटल में कॉपर 3 हफ्ते के निचले स्तर पर फिसल गया है.


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