Sharda Sinha Last Song: मशहूर लोक गायिका शारदा सिन्हा का आज मंगलवार को देर रात निधन हो गया. बिहार कोकिला ने दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली. वे साल 2018 से मल्टीपल मायलोमा बीमारी से जूझ रही थीं, जोकि एक तरह का ब्लड कैंसर होता है. सोशल मीडिया पर शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमान सिन्हा ने उनके निधन की जानकारी दी.
इससे पहले सितंबर में ही शारदा सिन्हा के पति ब्रज किशोर का निधन हुआ था, जिसके बाद से उनकी तबियत लगातार बिगड़ती गई. भारत सरकार ने शारदा सिन्हा को पद्मश्री और पद्म भूषण से सम्मानित किया था. उन्हें नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में चिकित्सा देखभाल में रखा गया था. तबियत बिगढ़ने पर 4 नवंबर को उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था.

शारदा सिन्हा का आखिरी छठ गीत
शारदा सिन्हा के हालिया काम में ओटीटी सीरीज़ 'महारानी सीज़न 2' के लिए "निर्मोहिया" के लिए रहा. हालांकि, छठ पूजा के लिए उन्होंने एक गीत रिकॉर्ड किया था, जिसे उनके बेटे ने निधन से एक दिन पहले 4 नवंबर को जारी किया.
शारदा सिन्हा का गाया आखिरी छठ गीत का टाइटल 'दुखवा मिटाईं छठी मईया' है, जिसे उनके सोशल मीडिया पर बेटे अंशुमान सिन्हा ने साझा किया. उन्होंने एक्स पर लिखे पोस्ट में कहा कि इस बीच जबकि मां की स्वास्थ्य संबंधी लड़ाई जारी है, मै एक छोटा सा प्रयास कर मां के नए छठ गीत "दुखवा मिटाईं छठी मईया" का एक वीडियो भी पोस्ट कर रहा हूं . यह गाना छठ पूजा जोकि 5 नवंबर से शुरू है के एक दिन पहले रिलीज किया है, जोकि 6 मिनट है. 1 दिन में यूट्यूब पर इसे करीब 2 लाख लोगों ने देख भी लिया है.
हिंदी फिल्मों में भी चला शारदा सिन्हा का जादू
शारदा सिन्हा का लोक संगीत में बहुत बड़ा योगदान रहा है. उन्होंने मैथिली और भोजपुरी समेत कई भाषाओं में गीत गाए. लोकगीतों के अलावा उन्होंने 'मैंने प्यार किया' और 'हम आपके हैं कौन' जैसी हिट हिंदी फ़िल्मों में भी अपनी आवाज़ से लोगों के दिलों पर राज किया. शारदा सिन्हा ने फिर फिल्म गैंग ऑफ वासेपुर में तार बिजली से पतले और 2014 की चारफुटिया छोकरे का गाना कौन-सी नगरिया गाया, जिसे भिखारी ठाकुर ने लिखा था. इसके अलावा उन्होंने टी-सीरीज, एचएमवी और टिप्स जैसे दिग्गज म्यूजिक कंपनियों के साथ नौ एल्बमों में 62 छठ गीत रिकॉर्ड किए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख
शारदा सिन्हा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त किया है. उन्होने माइक्रो ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा कि सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है. उनके गाए मैथिली और भोजपुरी के लोकगीत पिछले कई दशकों से बेहद लोकप्रिय रहे हैं. आस्था के महापर्व छठ से जुड़े उनके सुमधुर गीतों की गूंज भी सदैव बनी रहेगी. उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं. ओम शांति!


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