नयी दिल्ली। जियो, एयरटेल और वोडाफोन ग्राहकों के लिए बुरी खबर है। दरअसल आपका नेटवर्क बंद हो सकता है। हाालांकि ये समस्या किसी पूरे सर्किल या शहर की नहीं है, बल्कि उन क्षेत्रों की है जिन्हें कोरोनावायरस का हॉटस्पॉट घोषित किया गया है। टेलीकॉम कंपनियों ने कोविड-19 हॉटस्पॉट क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं में ब्रेकडाउन की चेतावनी दी है, क्योंकि स्थानीय अधिकारी उनकी आपातकालीन टीमों को वहां जाने से रोक रहे हैं। वास्तव में उन्होंने दूरसंचार विभाग (डीओटी) से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप की मांग की ताकि उनकी टीमें स्वतंत्र रूप से काम कर सकें और इन सील की गई जगहों में मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर सकें। टेलीकॉम सचिव अंशु प्रकाश को 9 अप्रैल को लिखे पत्र में सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने कहा कि अगर तकनीशियनों को दूरसंचार साइटों तक पहुंचने से रोका गया तो मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह रुक सकती हैं।
टेलीकॉम सेक्टर को जरूरी सेवा का दर्जा
बता दें कि सीओएआई में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया शामिल हैं। मैथ्यूज ने कहा है कि टेलीकॉम को विभिन्न सरकारी आदेशों में एक आवश्यक सेवा के रूप में मान्यता दी गई है, लेकिन विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा कोविद -19 हॉटस्पॉट के रूप में सील किए गए क्षेत्रों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगाई जा रही हैं, जहां दूरसंचार सेवाओं के कर्मियों की आवाजाही की अनुमति नहीं है। इसके नतीजे में टेलीकॉम सेवाएं पूरी तरह रुक सकती हैं। इकोनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली, यूपी और महाराष्ट्र में स्थिति सबसे अधिक खराब है, जहां कई जगहों की पहचान कोविड-19 हॉटस्पॉट के रूप में की गई है।
सीओएआई ने की अपील
सीओएआई ने दूरसंचार सचिव से आग्रह किया है कि वे स्थिती का जाएजा लें और राज्य सरकारों को आदेश दें कि वे टेलीकॉम कंपनियों के स्टाफ, टावर इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस प्रोवाइडर, फाइबर ऑप्टिक प्रोवाइडर और (वेंडर) साझेदारों को फॉल्ट रिपेयर और मेंटेनेंस सुनिश्चित करने के लिए के आने-जाने दें ताकि इन सील क्षेत्रों में निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए काम किया जा सके। अगर ऐसा नहीं हुआ तो देश भर के ऐसे क्षेत्रों में रह रहे लोगों को टेलीकॉम सेवाओं को दिक्कतों का सामना कर पड़ सकता है।
बीएसएनएल के सामने भी चुनौती
बीएसएनएल पर कई तरह का बकाया है, जिसे न चुकाने पर इसकी सेवाओं में अड़चन आ सकती है, जिसकी सीधा कंपनी के ग्राहकों पर पड़ेगा। टावर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (टीएआईपीए) ने बताया है कि यदि बीएसएनएल पीयूसी को बरकरार रखना चाहती है तो उसे कई चीजों का बिल क्लियर करना होगा, जिनमें बिजली, डीजल और बैटरी आदि शामिल हैं। यदि बीएसएनएल समय पर इस बकाया का भुगतान नहीं करती तो इसका सीधा असर कंपनी के ग्राहकों की सर्विस पर पड़ेगा। क्योंकि जैसा कि ऊपर बताया गया है कि कुछ जगहों पर बीएसएनएल के नेटवर्क को बाधित किया गया है, इसमें और बढ़ोतरी की जा सकती है।
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