नई दिल्ली, जुलाई 05। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (सीसीपीए) ने होटल और रेस्तरां को फूड बिल में खुद से ही जाने या अनजाने में सर्विस चार्ज लगाने से रोक दिया है। अथॉरिटी ने ग्राहको को कहा है कि अगर रेस्टोरेंट ऐसा करते हैं तो उनकी शिकायत की जा सकती हैं। बढ़ती शिकायतों के बीच सीसीपीए ने रेस्टोरेंट के मनमानी को रोकने और सेवा शुल्क लगाने के संबंध में देश के सभी उपभोक्ता अधिकारों को दिशा निर्देश दिया है। सरकार ने रेस्टोरेंटों की इस रवैये को रोकने के लिए यह कदम उठाया है।
सर्विस जार्ज जरुरी नहीं है- सीसीपीए
सीसीपीए के आदेश के अनुसार कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में अपने मन से ही सेवा टैक्स नही जोड़ेंगे। सीसीपीए ने कहा है कि रेस्टोरेंट किसी से भी सर्विस टैक्स नहीं वसूलेंगी। आदेश में कहा गया है कि रेस्तरां किसी अन्य नाम से भी सेवा शुल्क की वसूली नहीं करेंगे। कोई भी होटल या रेस्टोरेंट किसी उपभोक्ता को सर्विस चार्ज देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है। उन्हें उपभोक्ता को स्पष्ट रूप से सूचित करना होगा कि सेवा शुल्क स्वैच्छिक, वैकल्पिक और उपभोक्ता के विवेक पर निर्भर है।
बिल में जोड़ नही सकेंगे
यदि कोई उपभोक्ता यह पता है कि कोई होटल या रेस्तरां दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रहे है और सेवा शुल्क जोड़ रहे है तो ग्राहक खुद टैक्स को बिल की राशि से हटाने का अनुरोध कर सकता है। उपभोक्ता राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ग्राहक 1915 पर कॉल करके या एनसीएच मोबाइल ऐप के माध्यम से इसकी शिकायत कर सकते हैं।
क्यों उठाया यह कदम
भारत के लगभग सभी रेस्टोरेंट मनमानी रूप से लोगों से सर्विस चार्ज वसूल रहे थे। ग्राहक लगातार सोशल मीडिया पर लगातार इसको खत्म करने की मांग करते रहे हैं। सरकार के आदेश के बाद भी रेस्तरां बिल के साथ सर्विस चार्ज जरूर जोड़ देते थे। तमाम, शिकायतों के बाद सरकार ने यह प्रभावी कदम उठाया है।


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