Sensex Outlook; Sensex@94000 By 2026? शेयर बाज़ार में पिछले कुछ दिनों में कमज़ोरी देखी जा रही है लेकिन पिछले साल की कमज़ोरी के बाद से इस साल अब तक अच्छी खासी तेजी देखी गई है। हालांकि ग्लोबल परिस्थितियों में बनी अनिश्चितता के बीच बाज़ार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलने की संभावना है।
इस बीच निवेशकों के लिए राहतभरी एक रिपोर्ट सामने आई है। दरअसल, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म HSBC ने सेंसेक्स की चाल को लेकर एक अनुमान लगाया है जो निवेशकों के लिए सकूनभरी खबर हो सकती है। HSBC ने अपने एक नोट में कहा है कि सेंसेक्स अगले साल के आखिर तक 94000 के लेवल तक पहुंत सकता है।

HSBC ने 2026 के अंत तक S&P बीएसई सेंसेक्स का लक्ष्य 94,000 अंक तक पहुंचने का टारगेट रखा है, ज वर्तमान स्तरों से संभावित अपसाइड 13% से अधिक है। ग्लोबल रिसर्च फर्म HSBC ने भारत के इक्विटी मार्केट को 'न्यूट्रल' से 'ओवरवेट' रेटिंग पर अपग्रेड किया है। फर्म ने यह बदलाव बेहतर वैल्यूएशन, सरकार की सहायक नीतियों और घरेलू निवेशकों के मजबूत प्रवाह को देखते हुए किया है।
HSBC ने अपने नोट में बताया है कि इस अपग्रेड से आठ महीने पहले, जनवरी 2025 में उसने भारतीय शेयरों को डाउनग्रेड किया था। उस समय फर्म ने उच्च वैल्यूएशन और आर्थिक वृद्धि में सुस्ती को कारण बताते हुए स्टॉक्स की अपसाइड संभावनाओं को सीमित करार दिया था। हालांकि, अब फर्म के अनुसार अमेरिका के टैरिफ का अधिकांश सूचीबद्ध कंपनियों के मुनाफे पर बहुत कम प्रभाव पड़ेगा। बता दें कि इससे शेयर बाजार के निवेशकों को फायदा हो सकता है।
भारीतय शेयर बाजार में क्यों आ सकती है तेजी?
HSBC होल्डिंग्स पीएलसी में इक्विटी रिसर्च (एशिया प्रशांत) के प्रमुख हेराल्ड वैन डेर लिंडे ने बुधवार (24 सितंबर 2025) को एक रिपोर्ट में कहा, "हमें लगता है कि भारतीय इक्विटी अब क्षेत्रीय आधार पर आकर्षक लग रही हैं और बाजार को न्यूट्रल से ओवरवेट कर दिया गया है।" "चीन की तरह, अमेरिकी टैरिफ का ज़्यादातर सूचीबद्ध कंपनियों के मुनाफे पर बहुत कम असर पड़ेगा।"
HSBC ने अपने एशिया इक्विटी स्ट्रेटेजी नोट में कहा, "कोरिया और ताइवान के भीड़भाड़ वाले ट्रेड के विपरीत, भारत एशिया का शांत कोना है। पिछले 12 महीनों में विदेशी फंड ने भारत से काफी निकासी की है, लेकिन स्थानीय निवेशक मजबूत बने हुए हैं जबकि कमाई में वृद्धि की उम्मीदें थोड़ी घट सकती हैं। वैल्यूएशन अब चिंता का विषय नहीं हैं, सरकारी नीतियां शेयरों के लिए सकारात्मक बन रही हैं और अधिकांश विदेशी फंड हल्के पोजिशन में हैं। इस आधार पर भारतीय शेयर अब क्षेत्रीय दृष्टि से आकर्षक दिखते हैं।" वर्ष 2025 में अब तक, भारत के इक्विटी बेंचमार्क 5% बढ़े हैं, जो एमएससीआई एशिया एक्स जापान की 23% वृद्धि के मुकाबले कम हैं।
HSBC ने कहा कि भारत में सरकारी नीतियां अब शेयरों के लिए सकारात्मक फैक्टर बन रही हैं, जबकि अधिकांश विदेशी फंड हल्के पोजिशन में हैं। नोट में कहा गया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति, जिसमें महंगे एच1-बी वीजा और भारत पर भारी टैरिफ शामिल हैं, ने भारत की कुछ सबसे बड़ी वैश्विक कंपनियों के भविष्य को प्रभावित किया है। इनमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड से लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड तक शामिल हैं।
2025 की शुरुआत से, जब ट्रंप पहली बार दूसरे कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस आए थे, तब से विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से 15 अरब डॉलर निकाले हैं। इस खराब प्रदर्शन का एक प्रमुख कारण कमाई में मंदी भी थी, जबकि मूल्यांकन ऊंचा बना हुआ था, लेकिन, चीजें बदलती हैं।
एचएसबीसी ने अपने नोट में कहा कि जीएसटी सुधारों के साथ-साथ मौद्रिक नीति में ढील और मध्यम मुद्रास्फीति से उपभोग और परिणामस्वरूप, कॉर्पोरेट आय में वृद्धि हो सकती है। इसके अतिरिक्त, अधिकांश सूचीबद्ध शेयर घरेलू प्रकृति के हैं-बीएसई 500 कंपनियों की बिक्री का 4% से भी कम हिस्सा अमेरिका को निर्यात से आता है।
एचएसबीसी ने अपने नोट में कहा, "मूल्यांकन में काफी गिरावट आई है। कमाई में गिरावट एक जोखिम बना हुआ है, लेकिन बाजार अब इसे अच्छी तरह समझ चुका है।" "विदेशी स्थिति हल्की है, और टैरिफ़ का असर कुछ हद तक कम ज़रूर है, लेकिन इससे आय पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ेगा।" फिर भी, अभी तक विकास दर में सुधार के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
More From GoodReturns

17 अगस्त 2026: बाजार की सुस्त शुरुआत के बीच इन स्टॉक्स में मचेगी हलचल, चेक करें F&O बैन लिस्ट

IPO की होड़: अभी दांव लगाएं या लिस्टिंग का इंतजार करें? जानें निवेश का सही गणित

शेयर बाजार का नया नियम: 3:15 से 3:40 के बीच बदल जाएगी ट्रेडिंग, F&O ट्रेडर्स ऐसे तैयार करें वॉचलिस्ट

FINNIFTY एक्सपायरी: आज बाजार में बड़ा बदलाव! CAS टाइमिंग और इन स्टॉक्स पर रखें नजर

Stocks to Buy Today: 17 अगस्त को बाजार में हलचल, इन शेयरों पर रखें नजर - क्या आज बनेगा मुनाफा?

NSE का नया CAS सिस्टम: आज से बदल गया क्लोजिंग का तरीका, ट्रेडर्स के लिए जरूरी गाइड

NSE IPO: ₹5 लाख करोड़ का वैल्युएशन, जानिए कब खुलेगा और कैसे करें अप्लाई

बैंक निफ्टी एक्सपायरी: आज 13 अगस्त को इन लेवल्स पर रखें नजर, OI और IV का खेल समझें

NSE IPO: क्या अभी पैसा लगाना सही है? लिस्टिंग से पहले ये 5 बातें जान लें

Share Market Recovery: गिरावट के बाद Nifty 24,350 के पार, अब आगे क्या?

Shiprocket IPO: आज दांव लगाने का आखिरी मौका, शाम 5 बजे तक जरूर कर लें ये काम



Click it and Unblock the Notifications