Sensex Outlook: शेयर बाजार में टैरिफ और युद्ध की टेंशन खत्म! सेंसेक्स छुएगा 100000 का लेवल! ये रही वजह

Sensex-Nifty Outlook: शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बाद अब रिकवरी देखने को मिल रही. बेंचमार्क इंडेक्स निचले स्तरों से रिबाउंड कर रहे. निफ्टी अक्टूबर 2024 के बाद पहली बार बीते हफ्ते 25000 का अहम लेवल पार किया. इससे पहले सितंबर के आखिरी हफ्ते में रिकॉर्ड हाई बनाने के बाद मार्केट फिसल गया था. अक्टूबर 2024 से लेकर फरवरी 2025 तक मार्केट में करेक्शन का दौर चला. हाई वैल्युएशंस, टैरिफ, जियो-पॉलिटिकल टेंशन समेत फॉरेन इनवेस्टर्स की ओर से बिकवाली जैसे फैक्टर्स का असर बाजार पर दिखा. हालांकि, बाजार का बुरा दौर खत्म होता नजर आ रहा. FIIs की खरीदारी लौट आई है, प्रमुख इंडेक्स बढ़ दिखा रहे. ग्लोबल ब्रोकिंग फर्म मॉर्गन स्टेनली ने बुलिश स्ट्रैटेजी दी है.

सेंसेक्स छुएगा 100000 का स्तर

मॉर्गन स्टेनली ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर नया रिपोर्ट जारी किया है. इसमें सेंसेक्स को लेकर पॉजिटिव आउटलुक दिया है. इसके तहत सेंसेक्स बुल केस में 100000 का स्तर छू सकता है. बेस केस में सेंसेक्स पर जून 2026 तक के लिए 89000 का लेवल छू सकता है. यानी मौजूदा लेवल से सेंसेक्स 8% उछाल भर सकता है. हालांकि, बुल केस में सेंसेक्स 30% की बढ़त दिखा सकते हैं. इस लिहाज से मॉर्गन स्टेनली ने सेंसेक्स जून 2026 तक 1 लाख का लेवल टच कर सकता है.

मॉर्गन स्टेनली में इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट नयंत पारेख और रिधम देसाई ने कहा कि हमारे नए अर्निंग एस्टिमेट्स के आधार पर जून 2026 तक के लिए सेंसेक्स पर नया टारगेट 89000 का है. इसके अलावा दिसंबर 2025 तक का टारगेट 82000 का है. रिपोर्ट के मुताबिक यह लेवल सजेस्ट करता है कि BSE सेंसेक्स 23.5 गुना पी/ई मल्टीपल पर ट्रेल करेगा, जोकि 21X के 25 साल के एवरेज से आगे है.

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क्या फैक्टर्स होंगे अहम?

ब्रोकिंग नोट के मुताबिक फिस्कल कंसोलिडेशन, प्राइवेट सेक्टर इनवेस्टमेंट का बढ़ना और पॉजिटिव रियल ग्रोथ-रियल इंटरेस्ट रेट गैप के चलते भारत का मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी में सुधार दिखा. साथ ही एक स्थिर डोमेस्टिक ग्रोथ आउटलुक, अमेरिकी मंदी का नदारद होना और क्रूड ऑयल प्राइसेज में करेक्शन सेंसेक्स के लिए पॉजिटिव आउटलुक के लिए अहम फैक्टर्स हैं.

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बेस केस भी भारत-अमेरिका ट्रेड डील को देखते हुए है, जिसमें प्रोग्रेस देखने को मिल रहा. साथ ही फेड की ओर से शॉर्ट टर्म में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती और ओवरऑल पॉजिटिव लिक्विडिटी इनवायरमेंट भी सपोर्ट कर रहे. इस स्थिति में सेंसेक्स की अर्निंग्स FY28 तक 16.8% की CAGR से बढ़ सकती है.

बुल केस के लिए अहम ट्रिगर

मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि बुल केस के लिए कई फैक्टर्स अहम हैं, जहां नजर रहेगी. इसमें सपोर्टिव मैक्रो और पॉलिसी इन्वायरमेंट अहम हैं, जोकि सेंसेक्स को 100000 के लेवल तक पहुंचा सकते हैं. बुल केस के लिए क्रूड ऑयल का 65 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बरकरार रहना, रिजर्व बैंक की ओर से मॉनेटरी राहत, ग्लोबल ट्रेड टेंशन का घटना जैसे फैक्टर्स शामिल हैं. इसके अलावा GST रेट कट और एग्री रिफॉर्म का प्रोग्रेस इस लेवल तक सेंसेक्स को पहुंचाने में मदद कर सकते हैं.

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