भारतीय शेयर बाजार में लॉन्ग टर्म के लिहाज से तेजी देखने को मिल सकती है. इसमें बाजार का प्रमुख इंडेक्स नए साल में नए रिकॉर्ड बना सकता है. मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक भारतीय शेयर बाजार के लिहाज से 2025 एक धमाकेदार साल बनने के लिए तैयार है. अमेरिकी इनवेस्टमेंट बैंक के मुताबिक बीएसई सेंसेक्स नए साल में रिकॉर्ड 105,000 तक पहुंच सकता है. बाजार में धुआंधार तेजी को मजबूत आय, आर्थिक स्थिरता और बढ़े हुए घरेलू निवेश से मिलेगा. ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक इंडेक्स में मौजूदा लेवल से जोरदार तेजी देखने को मिल सकती है. सेंसेक्स के 1 लाख के आंकड़े के पार जाने की संभावना 30 फीसदी है.
सेंसेक्स में आएगी तूफानी तेजी
मॉर्गन स्टैनली के मुताबिक बेस केस के मुताबिक सेंसेक्स 93000 के लेवल तक जा सकता है, जोकि मौजूदा स्तरों से करीब 14 फीसदी का अपसाइड लेवल है. मॉर्गन स्टेनली के रिधम देसाई ने कहा कि इसके लिए वित्तीय अनुशासन बनाए रखना और निजी निवेश को बढ़ावा देना जरूरी है. ब्याज दरों को विकास के साथ संतुलित करने से सेंसेक्स 23x पी/ई रेश्यो पर कारोबार कर सकता है, जो पिछले 25 सालों के औसत 20x से ज्यादा भी है.
बैंक को सामान्य परिस्थितियों में सेंसेक्स आय में 17% सालाना ग्रोथ की उम्मीद है. यह ग्रोथ वित्तीय सुधारों, स्थिर खुदरा निवेश और कंट्रोल शेयर आपूर्ति पर निर्भर करती है. इसके अलावा सरकारी सुधारों और बढ़े हुए विदेशी निवेश से भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
सेंसेक्स जाएगा 1 लाख के पार
मॉर्गन स्टैनली की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अगर परिस्थितियां और बेहतर होती हैं, तो इंडेक्स 105,000 केलेवल तक पहुंच सकता है. इसके लिए कुछ पॉजिटिव इंडिकेटर्स हैं, जिसमें क्रूड ऑयल का गिरना शामिल है. इसके भाव 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहना और महंगाई घटने से RBI ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. विदेशी निवेश को आकर्षित करने वाले सरकारी सुधार भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. एक मजबूत ग्लोबल इकोनॉमी खास तौर पर अमेरिका में और यूक्रेन-रूस टेंशन जैसे जियो-पॉलिटिकल के सॉल्युशंस से भी घरेलू मार्केट को सपोर्ट मिलेगा.

हालांकि, मार्केट को लेकर कुछ चुनौतियां भी हैं. अगर कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो जाती हैं या बढ़ती महंगाई के बीच आरबीआई पॉलिसीज को सख्त कर देता है, तो टेंशन बढ़ सकती है. इसके अलावा अमेरिका में मंदी का भारत के बाजार पर भी निगेटिव असर पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में सेंसेक्स 70,000 अंक तक गिर सकता है और आय 15% की धीमी दर से बढ़ सकती है.
ब्रोकरेज का सेक्टर आउटलुक
मॉर्गन स्टेनली फाइनेंस, टेक्नोलॉजी, कंज्युमर आइटम और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर पॉजिटिव नजरिया दिया है. वहीं, अन्य सेक्टर पर सावधानी बरतने की सलाह दिया है. ताजा रिपोर्ट में ब्रोकरेज ने कहा कि हाल ही में आई गिरावट के बाद छोटे और मझोले शेयरों का परफॉर्मेंस हैवीवेट्स के मुकाबले बेहतर बेहतर हो सकता है. हालांकि, टॉप पिक्स में मारुति सुजुकी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और इंफोसिस जैसी कंपनियों के शेयर शामिल हैं.
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