Government Scheme: सीनियर सिटीजंस के लिए सरकार ने बढ़िया प्लान बनाया है. भविष्य के लिए सेविंग करने के लिए सरकार ने भारत में प्राइवेट बैंकिंग कंपनी HDFC बैंक के साथ पार्टनरशिप किया है. सरकार ने बैंक के साथ सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) में अपनी भागीदारी का ऐलान किया है. दरअसल, इस कदम के जरिए भारत सरकार का मकसद सरकारी योजना की पहुंच बुजुर्ग नागरिकों तक बढ़ाने की है. इसके तहत योग्य व्यक्ति अब किसी भी HDFC बैंक ब्रांट में SCSS के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
HDFC बैंक सरकारी स्कीम के लिए कैसे करेगा काम?
सरकार के लिए एजेंसी बैंक के रूप में एचडीएफसी बैंक इस योजना के लिए डिपॉजिट की सुविधा प्रदान करेगा. साथ ही ग्राहकों के लिए सुचारू सेवा सुनिश्चित करेगा. एससीएसएस नेशनल स्मॉल सेविंग स्कीम कार्यक्रम का हिस्सा है. इसमें निवेशित रकम 5 साल की लॉक-इन अवधि के साथ तिमाही ब्याज भुगतान प्रदान करता है. इसे कई बार 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है.
योग्यता और टैक्स बेनिफिट्स
यह योजना 60 साल या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए खुली है. साथ ही वे लोग भी जो 55 वर्ष या उसके बाद रिटायर हुए हैं. इसके अलावा सेवानिवृत्त रक्षा सेवा कर्मी 50 साल की आयु प्राप्त करने पर आवेदन कर सकते हैं. SCSS में निवेश इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स बेनिफिट्स के लिए पात्र हैं.
एससीएसएस के तहत ब्याज दरों को सरकार की ओर से समय-समय पर अपडेट किया जाता है. एचडीएफसी बैंक में कंट्री हेड - पेमेंट्स, लायबिलिटी प्रोडक्ट्स, कंज्यूमर फाइनेंस और मार्केटिंग श्री पराग राव ने इस योजना की पेशकश पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने आकर्षक ब्याज दरों के जरिए सीनियर सिटीजन के लिए एक स्थिर इनकम मुहैया कराती है.

बैंक में इन सरकारी स्कीम्स की भी सुविधा
एससीएसएस HDFC बैंक की ओर से पेश की जाने वाली अन्य सरकारी समर्थित योजनाओं जैसे पब्लिक प्रोविडेंट फंड और सुकन्या समृद्धि खाता योजना का पूरक है. फाइनेंशियल ईय़र 2024 में HDFC बैंक का टैक्स कलेक्शन देशभर में 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया. यह उपलब्धि इसे भारत सरकार के लिए टॉप तीन एजेंसी बैंकों में शामिल करती है.


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