SIP Investment From 250 Rs: आमतौर पर इन्वेस्टमेंट करना सिर्फ उन्हीं लोगों द्वारा हो पता है, जिनके पास अच्छी खासी रकम है और वह महीने का खर्च निकालने के बाद भी पैसे बचा लेते हैं और उसे कहीं इन्वेस्टमेंट में लगा देते हैं। लेकिन अब इस बात की टेंशन नहीं रहेगी बाजार नहीं आमद द्वारा 250 रुपए से सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान शुरू करने पर एक मजदूर भी बड़ी आसानी से एसआईपी में अपने पैसों का निवेश कर सकता है, और अपने भविष्य के लिए कुछ जरुरी पैसे जुटा सकता है। इस छोटे से अमाउंट से एसआईपी शुरू करने पर लोगों की पैसा इन्वेस्ट करने की आदत भी बढ़ेगी और प्रोत्साहन भी मिलेगा।
आप इस एसआईपी को रोजाना एक चाय का खर्च बचाकर भी शुरू कर सकते हैं। बाजार नियामक सेबी की चेयरपर्सन माधुरी पूरी बुच इन्वेस्टमेंट के लिहाज से म्युचुअल फंड को आसान बनाने की कोशिश कर रही हैं, ताकि यह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके। आपको बताते चलें कि 250 रुपए की कीमत से एसआईपी शुरू करने वाले प्लान पर माधबी म्युचुअल फंड कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।

सेबी के चेयर पर्सन के अनुसार पिछले कुछ सालों में लोगों के दिलचस्पी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान की ओर काफी बढ़ी है। इसी बात को ध्यान में रखकर सेबी म्युचुअल फंड की कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि एसआईपी इन्वेस्टमेंट के मिनिमम अमाउंट को और काम किया जा सके।
आपको बताते चलें कि पिछले कुछ सालों के अंदर म्युचुअल फंड में एसआईपी के जरिए इन्वेस्टमेंट करने वाले लोगों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। फिलहाल आप सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान में 500 रुपए तक का निवेश कर सकते हैं।
लेकिन अब बाजार नियामक से भी इस सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए म्युचुअल फंड्स में न्यूनतम निवेश यानी मिनिमम इन्वेस्टमेंट को इससे भी कम करके 250 रुपए के स्तर पर ले आना चाहता है।
गौरतलब है कि माधबी पुरी बुच लगातार सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान में न्यूनतम इन्वेस्टमेंट ऑप्शन को कम करने पर लगी हुई हैं। इसी बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि एफएमसीजी कारोबार की कई कंपनियां शैंपू के छोटे पाउच बनाकर अपने काम को बेहतरीन तरीके से बढ़ा चुकी हैं, तो म्युचुअल फंड इंडस्ट्री को भी इस तरह का पैटर्न अपनाना चाहिए।
एक आंकड़े के मुताबिक साल 2023 के अक्टूबर महीने में म्युचुअल फंड्स में सिर्फ सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए 16,928 करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट किया गया था। तो अगर मिनिमम इन्वेस्टमेंट की रकम को घटा दिया जाता है, तो भारत के म्युचुअल फंड बाजार में और ज्यादा पैसे आ सकता हैं। क्योंकि ऐसे में वो सभी लोग इन्वेस्ट करना शुरू कर देंगे, जो एक दिन में छोटी सी रकम ही बचा पाते हैं और अभी निवेश के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे म्युचुअल फंड इंडस्ट्री को काफी मजबूती मिल सकती है।
बताते चलें की नवंबर के महीने में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश की राशि और बढ़ गई। नवंबर के महीने में एसआईपी के जरिए म्युचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट की रकम 17000 करोड़ रुपए को पार कर गई।


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