अधिक परामर्श के लिए ज्यादा कंसल्टेशन पेपर जारी कर रहा SEBI: माधबी पुरी

SEBI On Consultation Hyperdrive: सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) की चेयरपरसन माधबी पुरी बुच ने एक कांफ्रेंस के दौरान कहा कि बाजार पर अधिक नियम लागू करने के लिए जोर डालने के पक्ष में नहीं है, लेकिन यह अधिक परामर्श का विषय बन चुका है।

बुच ने कैपिटल मार्केट कॉन्फ्रेंस में कहा ज्यादा कंसल्टेशन पेपर होना और कुछ नहीं बल्कि सेबी की गहरी धारणा को दर्शाता है कि बाजार आज बहुत जटिल हो गया है। इसलिए कोई भी कानून बनाने से पहले अगर हम परामर्श नहीं करते हैं या फिर लोगों के दृष्टिकोण को नहीं समझते हैं, तो यह काफी गलत होगा।

sebi

सेबी चेयरपर्सन ने कहा कि रेगुलेटर को फीडबैक मिला है कि वह "हर तीसरे दिन" एक परामर्श पत्र जारी करने की वजह से "हाइपरड्राइव" पर हैं। इतने ज्यादा कंसल्टेशन पेपर को ट्रैक करना और उन पर नजर रखना काफी मुश्किल है। इसके जवाब में, उन्होंने डेटा साझा किया, जिससे पता चला कि परामर्श पत्र जारी करने से रेगुलेटर के रवैये में बदलाव दिखता है, लेकिन यह बेहतरी के लिए है।

आपको बताते चलें कि 2003 से 2013 के बीच में कंसल्टेशन पेपर का परसेंटेज सेबी द्वारा कुल इशू किए गए सर्कुलर के मुताबिक 7 प्रतिशत ही था। इसका सीधा सा मतलब यह है कि हर 100 सर्कुलर पर सिर्फ 7 कंसल्टेशन पेपर इशू किए जा रहे थे। लेकिन पिछले 9 सालों में इनकी संख्या बढ़कर 17% तक हो गई।

बुच ने कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि इसका मतलब है कि सेबी प्रतिभागियों से अधिक परामर्श कर रहा है। क्योंकि रेगुलेटर की सोच के मुताबिक बाजार अधिक जटिल हो गए हैं और सही कदम उठाे के लिए और बेहतर नियम बनाने के लिए प्रतिभागियों से परामर्श करना काफी जरूरी है।

अगर बात करें पिछले कुछ सालों की तो परसेंटेज बढ़कर 33% तक पहुंच चुका है। तीन में से एक सेबी का सर्कुलर कंसल्टिंग पेपर होता है।

बुच ने कहा, " ऐसा नहीं है कि हम बाजार पर अधिक नियम लागू कर रहे हैं, आपको ऐसा इसलिए लग रहा है क्योंकि सेबी अधिक परामर्श कर रहा है।" "यदि आप हमें बताएंगे, तो हम परामर्श नहीं करेंगे।"

बुच ने कहा कि परामर्श का मतलब सेबी के लिए अधिक काम करना है क्योंकि उसे दर्जनों और कभी-कभी सैकड़ों प्रतिक्रियाएं मिलती हैं और वे उन्हें पढ़ते हैं और उनका विश्लेषण करते हैं और बोर्ड को सुझावों को स्वीकार करने या अस्वीकार करने के कारणों के बारे में भी बताते हैं।

उन्होंने मुस्कुराते हुए मजाकिया लहजे में कहा कि आप कहते हैं तो ये 33 प्रतिशत को वापस 7% ले जा सकते हैं, आप बताएं।

बुच ने कहा कि रेगुलेटर ने अपने परामर्शी दृष्टिकोण ो "बहुत, बहुत गंभीरता से" लिया और 33 प्रतिशत में यही परिलक्षित हुआ।

माधबी पुरी बुच ने कहा कि जहां सेबी व्यापार करने में आसानी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बारे में सचेत है, वहीं विश्वास बनने पर भी उसका उतना ही ध्यान है।

परामर्श पत्र या कंसल्टेशन पेपर क्या है?

परामर्श पत्र या दस्तावेज एक दस्तावेज है जिसमें कानून में बदलाव के लिए विचार शमिल होते हैं। इसे सरकार या किसी संस्था द्वारा प्रकाशित किया जाता है, ताकि लोग इस पर चर्चा कर सकें और इस पर अपनी राय दे सकें। जिससे मौजूदा नियमों को बदला जा सके या फिर उनमें सुधार किया जा सके।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+