नई दिल्ली। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड की नियामक संस्था सेबी ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके चलते अब निवेशकों को पैसा लगाते वक्त सतर्क रहने की जरूरत होगी। आमतौर पर अभी यह होता था कि जैसे ही आपका आवेदन पत्र किसी म्यूचुअल फंड कंपनी के पास जाता था, वह उसी दिन आपको नेट आसेट वैल्यू (एनएवी) के हिसाब से यूनिट एलाट कर देते थे। लेकिन अब सेबी ने इस पर रोक लगाने का नियम बना दिया है। आइये जानते हैं कि यह नियम कब से लागू होगा और इससे आपको क्या नुकसान हो सकता है।
पहले जानें कब से लागू होगा यह नियम
म्यूचुअल फंड की नियामक संस्था सेबी ने कहा है कि 2 लाख रुपये से कम का निवेश को लेकर नियम बदला जा रहा है। अगर कोई निवेशक म्यूचुअल फंड में 2 लाख रुपये का निवेश 1 जनवरी 2020 से करेगा तो उसे उसी दिन एनएबी के आधार पर यूनिट एलाट नहीं होगी। निवेशक को यह यूनिट तभी एलाट होगी जब आपका पैसा आपकी म्यूचुअल कंपनी के खाते में पहुंच जाएगा। हालांकि इस नियम के दायरे से ओवरनाइट और लिक्विड म्यूचुअल फंड बाहर रखा जाएगा, क्योंकि इनका निवेश का नेचर अलग होता है।
अभी तक क्या थे म्यूचुअल फंड में निवेश के नियम
अभी तक सेबी के नियमों के अनुसार म्यूचुअल फंड कंपनियां निवेशक से आर्डर मिलते ही उसे एनएवी के आधार पर यूनिट का एलाट कर देती हैं। कई बार निवेशक का पैसा चेक कैश न हो पाने या अन्य कारणों से म्यूचुअल फंड कंपनियों को नहीं मिल पाता था, ऐसे में कंपनियां निवेशक का एलाट यूनिट को कैंसिल कर देती थीं।
नए नियम के फायदे और नुकसान
कई बार निवेशक शेयर बाजार में तेजी और गिरावट का अंदाला लगा कर निवेश कर देता था, और मौके का फायदा उठा लेता था। अभी तक म्यूचुअल फंड में निवेश पर कट ऑफ टाइम का नियम लागू है। ऐसे में अगर निवेशक स्मार्ट है, तो वह शेयर बाजार की तेजी और गिरावट का फायदा म्यूचुअल फंड में भी उठा सकता था, लेकिन नए नियम के बाद ऐसा नहीं हो सकेगा। हालांकि नए नियम उन्हीं निवेशकों पर लागू होंगे, जिनका निवेश 2 लाख रुपये तक का होगा। इसका सबसे बड़ा नुकसान उन निवेशकों को होगा, जो शेयर बाजार की चाल देख कर नया निवेश कर देते थे। अब ऐसा करना संभव नहीं होगा।
जानिए म्यूचुअल फंड में क्या होता है कट ऑफ टाइम
म्यूचुअल फंड में कट ऑफ टाइम से मतलब होता है कि निवेशक को यूनिट किस हिसाब से एलाट की जाएगी। अभी तक नियम है कि अगर निवेशक 1 बजे के पहले अपना आवदेन म्यूचुअल फंड कंपनी को दे देता है, तो उसे उसी दिन की एनएबी के हिसाब से यूनिट एलाट कर दी जाती है। म्यूचुअल फंड कंपनी के पास आपका पैसा एक या दे दिन बाद ही पहुंचता है। वहीं अगर आपका आवेदन पत्र म्यूचुअल फंड कंपनी के पास दिन में 1 बजे के बाद आता है तो वह अगले दिन की एनएवी के हिसाब से यूनिट एलाट कर देती है। इस स्थिति में भी पैसा म्यूचुअल फंड कंपनी को बाद में ही मिलता है।
लिक्विड और ओवरनाइट म्यूचुअल फंड स्कीम्स
लिक्विड और ओवरनाइट म्यूचुअल फंड स्कीम्स के मामले में नियम नहीं बदले जा रहे हैं। लिक्विड और ओवरनाइट म्यूचुअल फंड स्कीम्स के लिए अगर आवेदन दोपहर 12.30 बजे से पहले किया जाता है, तो 1 दिन पहले की एनएवी एलाट होती है, वहीं 12.30 बजे के बाद आवेदन होने पर उसी दिन की एनएवी एलाट की जाती है। सेबी ने इस नियम में कोई बदलाव नहीं किया है।
More From GoodReturns

Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?

अदाणी एंटरप्राइजेज ने एयरलाइन लॉन्च की अटकलों को किया खारिज, कहा- रिपोर्ट्स निराधार

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका



Click it and Unblock the Notifications