New F&O Rules: शेयर बाजार से जुड़ा बड़ा अपडेट आया है. फ्यूचर्स एंड ऑप्शन यानी F&O ट्रेड को लेकर मार्केट रेगुलेटर सेबी बड़ा बदलाव करने जा रहा है. SEBI ने मंगलवार शाम को सर्कुलर भी जारी कर दिया है. इसके तहत इंट्रा-डे पोजिशन लिमिट की निगरानी होगी. डेरिवेटिव्स मिनिमम ट्रेडिंग अमाउंट भी बढ़ा दी है. दरअसल, मार्केट रेगुलेटर डेरिवेटिव्स फ्रेमवर्क को सख्त कर रहा है. बता दें कि F&O से जुड़े ज्यादातर नए बदलाव 20 नवंबर से ही लागू होंगे.
मिनिमम ट्रेडिंग अमाउंट का भी बढ़ाया
सेबी की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक इंडेक्स ऑप्शन बायर्स से अपफ्रंट ऑप्शन प्रीमियम लिया जाएगा. ऑप्शन एक्सपायरी के दिन शॉर्ट ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए 2% का एडिशनल मार्जिन लिया जाएगा. सेबी ने डेरिवेटिव्स के लिए मिनिमम ट्रेडिंग अमाउंट को भी बढ़ा दिया है. इसे 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दिया है. इंडेक्स डेरिवेटिव्स के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइज बढ़ाई है. यानी डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू अब 15 लाख रुपए से कम नहीं होगी.

F&O ट्रेड से जुड़ा होगा ये बदलाव
F&O से जुड़े बदलाव के तहत अब हर हफ्ते एक एक्सचेंज की सिर्फ एक वीकली एक्सपायरी होगी. साथ ही एक्सपायरी के दिन ज्यादा मार्जिन देना होगा. इसके तहत शॉर्ट पोजिशन पर 2% एक्सट्रीम लॉस मार्जिन (ELM) मार्जिन देना होगा. वहीं, पोजिशन लिमिट्स की इंट्राडे मॉनिटरिंग 1 अप्रैल 2025 से होगी. ऑप्शन प्रीमियम और बढ़े मार्जिन का अपफ्रंट कलेक्शन फरवरी 2025 से लागू होगा. सेबी ने स्ट्राइक प्राइस सीमित करने का प्रस्ताव नहीं लागू किया जाएगा.


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