Sterlite Electric IPO: भारतीय बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने Sterlite Electric के इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह फैसला तब आया है जब अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी वायसराय रिसर्च (Viceroy Research) ने Vedanta Group पर गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों और फंड ट्रांसफर से जुड़े आरोप लगाए। सेबी ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी है और फिलहाल कंपनी के आईपीओ को मंजूरी देने से रोक दिया है।

क्यों रोका गया Sterlite Electric का IPO
सेबी ने 27 अक्टूबर को अपनी वेबसाइट पर जानकारी दी कि Sterlite Electric का IPO "अबेयंस" (Abeyance) स्थिति में है, यानी फिलहाल रोक दिया गया है। आमतौर पर सेबी तब किसी आईपीओ को रोकती है जब उस कंपनी से जुड़ी कोई जांच या रेगुलेटरी क्लियरेंस लंबित होती है।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, सेबी अभी वायसराय रिसर्च की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की फैक्ट-चेकिंग कर रही है, जो कुछ महीनों तक चल सकती है। ऐसा पहली बार नहीं है इससे पहले भी सेबी ने WeWork India, JSW Cement, SK Finance और NSDL के आईपीओ को भी इसी तरह के कारणों से रोक दिया था।
Sterlite Electric क्या करती है
Sterlite Electric, Vedanta Group की एक यूनिट है, जो पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम बनाने का काम करती है। कंपनी ने अक्टूबर 2025 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। रिपोर्ट के अनुसार, इस आईपीओ से कंपनी करीब 1500 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही थी, जिसमें फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों शामिल थे।
Vedanta Group पर क्या हैं आरोप
Viceroy Research ने जुलाई 2025 में अपनी पहली रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें Vedanta Group पर कई गंभीर आरोप लगाए गए। रिपोर्ट में कहा गया कि ग्रुप का मैनेजमेंट भारतीय लिस्टेड कंपनी Vedanta Ltd से पैसा निकालकर अपनी यूके पैरेंट कंपनी Vedanta Resources की मदद कर रहा है, जो भारी कर्ज में डूबी हुई है।
इसके अलावा, रिपोर्ट में रेगुलेटरी वायलेशन, टैक्स चोरी और अवैध फंड ट्रांसफर जैसे आरोप भी शामिल हैं। खबरों के मुताबिक, सिंगापुर की जांच एजेंसियां ग्रुप के 1.27 बिलियन डॉलर के ट्रांजेक्शन की जांच कर रही हैं।
शेयर बाजार में भरोसा बरकरार
हालांकि इन आरोपों के बावजूद Vedanta Ltd के शेयरों पर कोई गलत असर नहीं दिखा। जुलाई 2025 से अब तक कंपनी के शेयर करीब 10% बढ़े हैं, जो बताता है कि निवेशकों का भरोसा अभी भी कायम है।
आगे की स्थिति
सेबी की जांच पूरी होने के बाद ही Sterlite Electric को आईपीओ की मंजूरी मिलेगी। अगर कंपनी आरोपों से क्लीन चिट पा लेती है, तो उसका पब्लिक इश्यू जल्द ही बाजार में आ सकता है। फिलहाल, निवेशक और बाजार दोनों सेबी के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।


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