नई दिल्ली। शेयर बाजार की नियामक संस्था सेबी ने 1 सितंबर 2020 से शेयर खरीद बिक्री के नियमों में भारी बदलाव कर दिया है। इन नियमों से जहां निवेशकों की सुरक्षा बढ़ेगी, वहीं उनके लिए अब शेयर खरीदना और बेचना आसान नहीं रह जाएगा। पिछले साल कार्वी ने निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये के शेयर के साथ खेल कर दिया था। उसी वक्त सेबी ने कड़ा उठाने की बात कही थी। उसने अब इन नए नियमों को लागू कर दिया है। ऐसे में अगर आप भी आज से शेयर खरीदना चाहते हैं या अपने रखे शेयर बेचना चाहते हैं, तो नए नियम की जानकारी होना जरूरी है।
जानिए ब्रोकरों की किन मनमारी पर रोक लगेगी
अभी तक ब्रोकर अपने निवेशकों से पॉवर ऑफ अटर्नी ले लेते थे। इसके आधार पर निवेशकों के शेयर के साथ मनमानी करते थे। ज्यादातर मामलों में निवेशकों की बिना सहमति के ही ब्रोकर उनका इस्तेमाल कर लेता था। अभी तक प्लेज सिस्टम में निवेशक की भूमिका कम और ब्रोकर की ज्यादा होती थी। नए सिस्टम में शेयर आपके डीमैट अकाउंट में ही रहेंगे, और वहीं पर जरूरत पर क्लियरिंग हाउस प्लेज मार्क कर देगा। इस प्रकार ब्रोकर के अकाउंट में आपके शेयर नहीं जाएंगे।
बिना मार्जिन के शेयर के खरीद और बिक्री पर रोक
अभी तक आपको शेयर बाजार में कारोबार करने के लिए ब्रोकर बिना मार्जिन के भी शेयर खरीदने या बेचने की छूट दे देता था। इससे पूरा वित्तीय बाजार संकट में पड़ता था। लेकिन अब सेबी के नए नियम के तहत कैश सेग्मेंट में भी अपफ्रंट मार्जिन लगेगा। अब कैश सेग्मेंट में न्यूनतम 22 फीसदी मार्जिन पहले से होगा, तभी आप सौदा कर सकेंगे। वहीं शेयर बेचने के बाद पैसा आपको अभी ट्रेडिंग के 2 दिन बाद मिलता था, लेकिन ब्रोकर आपको बेचे शेयर के बदले खरीदारी की इजाजत दे देता था। अब ऐसा नहीं हो पाएगा। अब आपको जब टी प्लस 2 के बाद जब पेमेंट मिलेगी, तभी आप उस पैसे का इस्तेमाल कर पाएंगे।
जानिए डीमैट के शेयर बेचने पर भी पर चाहिए मार्जिन
अभी तक अगर आपके डीमैट में शेयर हैं तो आप उसे जब चाहे बेच सकते थे। लेकिन आज से यानी 1 सितंबर 2020 से ऐसा नहीं हो पाएगा। अब अगर आप अपने शेयर बेचना चाहते हैं, तो आपके आप न्यूनतम एक मार्जिन होना चाहिए। हालांकि ब्रोकरों को मानना है कि इन नियमों से दिक्कतें बढ़ेंगी और शेयर ब्रोकरों और निवेशकों के बीच बिना मलतब की तकरार होगी। ब्रोकरों ने सेबी से मांग की है कि वह डिलिवरी के बेचने पर मार्जिन को हटाया जाना चाहिए। ब्रोकरों की मांग है कि डिलिवरी वाले शेयरों पर कोई मार्जिन नहीं होनी चाहिए। वहीं इन ब्रोकरों की मांग है कि 5 लाख रुपये तक के शेयर के सौदों पर कोई मार्जिन नहीं लगाना चाहिए।
More From GoodReturns

Market Strategy: Index नहीं, सही Stocks चुनिए; गिरावट में हो सकती है कमाई!

Gandhar Oil Refinery के शेयर में लगा अपर सर्किट! मुनाफा और रेवेन्यू ने किया कमाल, अब क्या होगा?

Donald Trump की रणनीति से क्यों डरा Share Market? पढ़िए Sharad Kohli का Analysis

Copper है नया Gold? Ajay Kedia ने बताया क्यों बढ़ रही है निवेशकों की दिलचस्पी!

FIIs की रिकॉर्ड बिकवाली के बाद भी क्यों नहीं टूटा Indian Share Market?

Market Outlook: गिरते बाजार में घबराएं नहीं, इन Levels और Sectors पर रखें नजर

Bank Stocks: Private Banks में HDFC-ICICI या PSU में SBI-PNB, किस बैंक में करें निवेश?

Bajaj Auto के दमदार नतीजे! शानदार कमाई के बाद Stock में क्या होगा?

Cube Highways Trust InvIT: क्या आपको इसमें निवेश करना चाहिए? जानें फायदे और रिस्क

Market Outlook: Middle East तनाव, महंगा Crude और Share Market... आगे क्या होगा?

GIFT City क्या है? NRIs के लिए Dollar Investment का आसान तरीका | Benefits, Process & Risks



Click it and Unblock the Notifications